मोतिहारी : षष्टम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश चंद्र मिश्रा ने पति द्वारा दूसरी शादी रचाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए पति को दोषी पाया है.
न्यायाधीश श्री मिश्रा ने दोषी करार पति को तीन वर्षों की सश्रम कारावास सहित दस हजार रुपया जुर्माना भरने का आदेश दिया है. गौरतलब हो कि लखौरा थाना के बिचला टोला निवासी प्रभुनाथ प्रसाद ने चार दिसंबर 1997 को अपनी पहली पत्नी के रहते विजयी गांव के घोड़ासहन निवासी फुलकुमारी देवी से दूसरी शादी की.
जानकारी देते हुए प्रथम पत्नी रीता देवी ने पति प्रभुनाथ प्रसाद, सौतन फुलकुमारी देवी तथा ससुर एवं देवर शंभु प्रसाद, वर्मा प्रसाद, बजरंगी प्रसाद एवं राजेंद्र प्रसाद पर भादवि की धारा 494 एवं 120 (बी) के अंतर्गत न्यायालय में परिवाद पत्र संख्या 61/97 दाखिल किया. न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप गठित कर मामले की सुनवायी की गयी.
अभियोजन सह परिवादी के तरफ से पांच गवाह प्रस्तुत किये गये. दोनों पक्षों का दलील सुनने के बाद न्यायालय ने पति प्रभुनाथ प्रसाद को दोषी पाते हुए उक्त आदेश पारित किया है. शेष आरोपी को साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त कर दिया है.
