आफत. तेज हवा में रहमानिया मेडिकल सेंटर के पीछे गिरी पेड़ की डाली
33 हजार केबीए का बिजली का तार व चार-पांच पोल क्षतिग्रस्त
छतौनी फीडर के कई मोहल्लों में पूरे दिन आपूर्ति ठप
शांतिपुरी फीडर में भी चार घंटे बिजली ठप
मोतिहारी : छतौनी फीडर से जुड़े रहमानिया मेडिकल सेंटर के पीछे तेज हवा के कारण पेड़ की डाली गिरने से शुक्रवार की देर रात 33 हजार केबीए के बिजली के तार व चार-पांच पोल क्षतिग्रस्त हो गया. इसके कारण इससे जुड़े मुहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी है. छतौनी फीडर से जुड़े मुहल्ले भवानीपुर जिरात, कुड़वा देवी माई स्थान, विश्वकर्मा सोसाइटी व इससे जुड़े अन्य मुहल्लों में बिजली आपूर्ति बंद रहने से लोग परेशान रहे.
सूचना पर रात्रि में ही बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया. एसडीओ सुनील रंजन कुमार ने बताया कि शुक्रवार की देर रात आयी बारिश से क्षतिग्रस्त तार व पोल को विभागीय कर्मचारियों के द्वारा ठीक कराया जा रहा है. शनिवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल हो जायेगी. वही टाउन टू के जेई सूर्यमणि कुमार ने बताया कि रात्रि में तेज वर्षा के कारण शांतिपुरी फीडर में भी तीन-चार घंटों तक बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी गयी.
साथ ही एसडीओ ने बताया कि बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र के भागों में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा, कई जगहों पर बिजली काटी भी गयी लेकिन स्थिति को सही देखते हुए बिजली सुचारू रूप से चालू कर दी गयी. समाचार संप्रेषण तक विभागीय अधिकारी व कर्मी समस्या को सही करने में लगे हुए थे.
छतौनी में गिरे पोल व तार को ठीक करते बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मी़
इंद्रदेव हुए मेहरबान तो फसलों में लौटी जान
मौसम के बदले मिजाज से सूख रहे खरीफ फसलों में जान लौट आयी है. इनदिनों जिला में हो रही बारिस से किसानो ने राहत की सांस ली है. शनिवार को भी जमकर बारिश हुयी. इस दौरान जिला के विभिन्न प्रखंडों में हुयी वर्षापात 39 मीमी रिकॉड किया गया है. सीमाई प्रखंडों में सर्वाधिक वर्षा होने की सूचना है. कृषि विभाग में दर्ज आकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक बारिश घोड़ासहन में हुयी है. यहां 115.2 मीमी वर्षापात रिकॉड की गयी है.
सितंम्बर माह में अबतक जिले में 154.5 मीमी वर्षापात रिकार्ड हुयी है. जबकि इस माह का समान्य वर्षापात 215.3 मीमी है. इनदिनों हो रही बारिश से खरीफ फसल की स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी है. किसान को भी राहत मिला है. जिला कृषि पदाधिकारी डॉ ओमकार नाथ सिंह ने बताया कि बारिश से खरीफ फसल को काफी राहत मिली है. वही फसल सींचाई के लिए किसानों के बीच डीजल अनुदान राशि वितरण को भी तेज कर दिया गया है.
