लापरवाही. इंसुलेटर ब्लास्ट हुआ तो हो सकता है बड़ा हादस
मोतिहारी : बिजली के तार में सटने व पोल में करंट आने से मौत की बात समझ में आती है .लेेकिन विभागीय संवेदक की लापरवाही से किसी की जान जाये और शहर की आपूर्ति चौपट हो जाये तो जिम्मेवार कौन होगा . जी हां चौंकिय नहीं यह कारनामा कर दिखाया है बिजली विभाग के संवेदक ने और अधिकारी अब भी हैं
अनजान. और अनवरत हो रही है बिजली आपूर्ति .मिली जानकारी के अनुसार मोतिहारी ग्रिड से बेलीसराय फीडर सह उप केन्द्र को जोड़ने के लिए 33 हजार केवी का तार निकला है . उक्त तार को रघुनाथपुर पीपल चौक से आधा किमी की दूरी में पेड़ में इंसुलेटर ठोक कर लगा दिया गया है वह भी एक नहीं तीन पेड़ में .
एक पीपल के पेड़ और ताड़ के पेड़ में एक-एक इन्सुलेटर लगाया गया है जबकि दूसरे पीपल के हड़े पेड़ में दो इन्सुलेटर ठोक तार लगाया गया है. देखने में तीनों पेड़ पुराने हैं . तार का पेड़ नीचे से खोखला जैसा है तो पीपल के पेड़ पुराने हैं. बावजूद इसके संवेदक के द्वारा उक्त कार्य किया गया है जबकि वहां पोल लगाना चाहिए .ऐसे में अगर इन्सुलेटर पंक्चर हुआ तो पेड़ में करंट आना स्वभाविक है जो किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है .
क्या है तार लगाने का नियम: किसी भी क्षेत्र में तार लगाने पर अगर रास्ते में मामूली डाली है तो काट कर हटाया जा सकता है. बड़े पेड़ को काटने के लिए संबंधित व्यक्ति को या सरकारी पेड़ है तो संबंधित विभाग को उक्त पेड़ या डाली का मुआवजा देकर काटा जा सकता है. लेकिन, ऐसा न कर संवेदक के द्वारा नियम विरुद्ध कार्य किया गया है. हो सकता है पेड़ की डाली के एवज में राशि की भी निकासी की गई हो .जो जांच का विषय है .
रघुनाथपुर में पीपल व ताड़ के पेड़ पर दौड़ाया गया हाई वोल्टेज का तार ़
जान लेने के साथ कभी भी चौपट हो सकती है बिजली
तेज हवा से कभी भी गिर सकते हैं पुराने तीनों पेड़
संवेदक ने किया काम अधिकारी हैं अनजान
जान लेने के साथ कभी भी चौपट हो सकती है बिजली
तेज हवा से कभी भी गिर सकते हैं पुराने तीनों पेड़
संवेदक ने किया काम अधिकारी हैं अनजान
पेड़ में इन्सुलेटर के सहारे बिजली का तार लगाना गलत है . अगर ऐसा हुआ है तो जांच कर संवेदक और जिम्मेवार अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
राकेश रौशन, कार्यपालक अभियंता, प्रोजेक्ट माेतिहारी
पेड़ में इन्सुलेटर के सहारे तार लगाना गंभीर मामला है. जांच कर रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को दी जायेगी.
सुदर्शन राम, कार्यपालक अभियंता आपूर्ति
