कैबिनेट के फैसले : अब फोर लेन बनाने की िजम्मेवारी केंद्र की
रजौली : बख्तियारपुर एनएच केंद्र को वापस किये जाने पर राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगा दी. अब रजौली-बख्तियारपुर एनएच के फोर लेन निर्माण पर केंद्र को निर्णय लेना है. रजाैली-बख्तियारपुर फोर लेन के निर्माण कार्य को लेकर जून, 2012 में एग्रीमेंट हुआ था. हैदराबाद की एजेंसी मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का बिहार राज्य पथ […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रजौली : बख्तियारपुर एनएच केंद्र को वापस किये जाने पर राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगा दी. अब रजौली-बख्तियारपुर एनएच के फोर लेन निर्माण पर केंद्र को निर्णय लेना है. रजाैली-बख्तियारपुर फोर लेन के निर्माण कार्य को लेकर जून, 2012 में एग्रीमेंट हुआ था. हैदराबाद की एजेंसी मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का बिहार राज्य पथ विकास निगम के साथ हुए एग्रीमेंट में ढाई साल में निर्माण काम पूरा करना था. इस 107 किलोमीटर फोर लेन के निर्माण कार्य पर 847 करोड़
रजौली-बख्तियारपुर एनएच…
रुपये खर्च अनुमानित था. एजेंसी को बैंक से लोन नहीं मिलने के कारण फोर लेन बनाने का काम शुरू नहीं हुआ. पीपीपी मोड पर बननेवाली राज्य की पहली पहली सड़क थी. इसमें बिहार सरकार को कुछ खर्च नहीं करना था. फोर लेन के निर्माण में होनेवाली खर्च की वसूली एजेंसी को टॉल टैक्स से पूरा करना था.
सड़क निर्माण के काम में पहले जमीन अधिग्रहण की समस्या आयी. इसके बाद फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण भी मामला अटका रहा. इन सब का बहाना बना कर एजेंसी ने फोर लेन बनाने से अपने को अलग कर लिया. बिहार सरकार ने रजौली-बख्तियारपुर एनएच को फोर लेन बनाने के लिए सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय से वर्ष 2008 में एनओसी ली थी.