मोतिहारी : नवम सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विरेंद्र प्रताप सिंह ने हत्या के एक मामले की सुनवायी करते हुए सात आरोपी को दोषी करार दिया है. सभी दोषी आरोपितों को दस-दस वर्षों की कठोर कारावास सहित पचीस -पचीस सौ रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है. जुर्माना नही भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है. विदित हो कि रामगढ़वा थाना क्षेत्र के धनहर दिहुली निवासी रामचंद्र साह ने 12 दिसबर 2002 को अपने ग्रामीण मोतीलाल साह, राजेंद्र साह, भोला साह, रामसागर साह, नन्हक साह, सतन देव साह, हिरालाल साह, एवं रामअवतार साह पर आरोप लगाया कि
सूचक अपने भाई रामांज्ञा साह के साथ अपने साढे तीन कठा स्थित खेत में गोभी की सींचाई कर रहा था कि सभी आरोपी घातक हथियार एवं कुदाल लेकर आये एवं खेत का डरेर काटने लगे. सूचक एवं उनके भाई द्वारा मना करने पर मारपीट किये एवं रामांज्ञा के सर पर कुदाल से प्रहार किया, जिससे रामांज्ञा साह गंभीर रूप से घायल हो गये. अस्पताल जाने के क्रम में मृत्यु हो गयी. सूचक के बयान पर रामगढवा थाना कांड संख्या 112/02 हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुआ. न्यायालय द्वारा आरोप गठित कर मामले की सुनवायी हुई. विचारण के दौरान एक आरोपी रामअवतार की मृत्यु हो गयी अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजन मो मोइनुल हक ने 10 गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा, दोनों पक्षों का सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया है.
