दूर होगा तार टूटने का खतरा, लगातार होगी आपूर्ति
दो माह के अंदर केबलनुमा तार बिछाने की होगी कार्रवाई
अब आंधी में भी ठप नहीं होगी बिजली आपूर्ति
मोतिहारी सहित जिन शहरों का आइपीडीएस योजना के तहत चयन किया गया है वहां दो माह के अंदर में कार्य शुरू हो जायेंगे. बिजली के पाल से नंगे तार हटा लिये जायेंगे अौर अंडरग्राउंड तार लगाये जायेंगे .
जेके भानू , अधीक्षण अभियंता, मोतिहारी अंचल
मोतिहारी : एकीकृत बिजली विकास योजना (आइपीडीएस) के तहत बिहार के अन्य शहरों के तर्ज पर पूर्वी चंपारण जिले के छह शहरों को वायर मुक्त करने के लिए चयन किया गया है जहां अब बिजली के पोल पर तार नहीं दिखायी देगा. इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई आरंभ कर दी गई है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिजली के पोल के बजाय अब केबलनुमा तार जमीन के अंदर लगाये जायेंगे ताकि तार टूटनेे, हरे पेड़-पौधों से अर्थिंग होने, आंधी में बिजली प्रभावित होने की समस्या दूर हो जायेगी. इसके लिए छह शरों का चयन कर लिया गया है जहां दो माह के अंदर सर्वे व अंडर ग्राउंड केबलनुमा बिजली तार बिछाने की कार्रवाई आरंभ हो जायेगी.
आइपीडीएसप में इन शहरों का हुआ चयन: मोतिहारी शहर के अलावा चकिया नगर पंचायत, अरेराज, केसरिया, ढाका, रक्सौल केसरिया, मेहसी और मधुबन शहर का नाम शामिल है. विभाग के अनुसार मुख्य सड़कों के अलावा गल्ली मोहल्लों के भी तार को हटाकर केबल लगाया जायेगा.
मोतिहारी शहर में लगाये जायेंगे अतिरिक्त 70 ट्रांसफाॅर्मर : केबलनुमा वायर लगाने के साथ ट्रांसफार्मरों पर लोड घटाने के लिए मोतिहारी शहर में कुल ट्रांसफार्मर का 30 प्रतिशत अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाये जायेंगे . विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टाउन वन में 111 और टाउन टू में 149 यानी कुल ट्रांसफार्मर की संख्या करीब 260 है . ऐसे में शहर में करीब 70 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाये जायेंगे .
जिले को फिर 11 नये सब स्टेशन की सौगात, खर्च होंगे 33 करोड़: पूर्व से चयनित स्थानों के अलावा दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले में 11 नये बिजली उप केन्द्र की स्थापना होगी . इसमें अधिकतर की स्थापना गंवई क्षेत्र में होगी. अधीक्षण अभियंता जेके भानू ने बताया कि एक बिजली उपकेन्द्र की स्थापना पर जमीन छोड़कर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे . इस नये उप केन्द्र की स्थापना अरेराज, बनकटवा, ढाका, केसरिया, मेहसी, मोतिहारी, नरकटिया,फेनहारा, रामगढवा,संग्रामपुर,तेतरिया में स्थापना करनी है . जमीन के लिए विभाग के द्वारा प्रशासन को लिखा गया है .
