50 से अधिक लोगों से वसूली गयी राशि : एएसपी
गिरोह द्वारा होता है शराब का धंधा
अमर मुजफ्फरपुर के पारू का है रहनेवाला
पकड़ीदयाल : इंडियन फाइटर क्लब नामक अपराधी गिरोह का सरगना है वाल्मिकी. उसके नेतृत्व में पकड़ीदयाल अनुमंडल के व्यवसायियों से भयादोहन कर रंगदारी वसूली की जाती है तथा अवैध शराब का धंधा चलाया जाता है. इसकी पुष्टि गिरोह के पकड़े गये अपराधी आजादी के बयान से हुई है. उक्त बातें एएसपी विजय कुमार ने रविवार को प्रेसवार्त्ता के दौरान अपने कार्यालय में कहीं. उन्होंने कहा कि उक्त गिरोह मधुबन में करीब 50 व्यवसायियों से रंगदारी वसूल चुका है. ज्यादातर व्यवसायी गिरोह के डर से पुलिस से शिकायत नहीं करते है. गिरोह के अपराधी बीते दिनों भारत गैस एजेंसी के मालिक
अमोद कुमार उर्फ पप्पू से 10 लाख की रंगदारी मांगी थी फिर रंगदारी नहीं देने के कारण जगौलिया पेट्रौल पंप पर गोलीबारी की. गोलीबारी में वशिष्ठ नारायण सिंह नामक पंप कर्मी घायल हो गये. इतना ही नहीं वाल्मिकी सिंह द्वारा अवैध शराब का कारोबार किया जाता है जिसकी एक खेप चैता में जब्त की गयी है.
करण झा के नाम से मांगी जाती है रंगदारी: इंडियन फाइटर क्लब द्वारा करण झा के नाम से मोबाईल नंबर 7485040068 एवं 9576020504 से व्यवसायियों से रंगदारी मांगी जाती है. फिर गिरोह द्वारा व्यवसायियों के मोबाइल नंबर बताये जाते हैं. साथ ही कहा जाता है कि किसी एक नंबर से संपर्क कर राशि जमा करा दो. इस सारी प्रक्रिया में मुख्य भूमिका वाल्मिकी सिंह की होती है. वहीं व्यवसायियों से पैसा के लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभाता है.
अमर ने की थी जगौलिया पंप पर गोलीबारी: एएसपी विजय कुमार ने बताया कि अमर प्रकाश सिंह नामक अपराधी ने विगत 17 जून को जोगौलिया पेट्रौल पंप पर गोलीबारी की थी. अमर मुजफ्फरपुर के पारू स्थित डुमरी गांव का रहनेवाला है. इसकी पुष्टि आजादी के बयान से हुई है. अपराधियों ने पहले मधुबन के व्यवसायी लड्डू महाजन से 70 हजार रूपये रंगदारी लिया. उक्त रूपये से ही ग्लैमर बाइक खरीदी गयी.
हुंडई कार से शराब डिस्ट्रीब्यूशन: एएसपी श्री कुमार ने बताया कि वाल्मिकी सिंह के नेतृत्व में अनुमंडल में अवैध शराब का कारोबार चलता है. शराब की खेप अरूणाचल प्रदेश से पकड़ीदयाल आता है. इस कार्य में कामेश्वर सिंह नामक कारोबारी वाल्मिकी सिंह की मदद करता है. ट्रक से आये शराब वाल्मिकी सिंह के हुंडई कार व स्कॉर्पियों से क्षेत्र में डिस्ट्रीब्यूट की जाती है. यह कार्य सुबह के चार से छह बजे के बीच होती है.
