मोतिहारी : झारंखड के रामगढ से गिरफ्तार मुकेश पाठक के साथ शातिर बबलू दूबे का नाम भी जुड़ा था. कल्याणपुर के सिसवा खरार गांव का रहनेवाला बबलू दूबे फिलहाल सेंट्रल जेल मोतिहारी में बंद है. उसके विरुद्ध मोतिहारी, बेतिया सहित अन्य जिलों में 53 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
ज्यादातर मामले हत्या व रंगदारी से जुड़े है. बताया जाता है कि 2003 में बबलू ने अपराध जगत में कदम रखा. पुलिस ने उसको पहली बार आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बहन की बरात दरवाजे पर लगी थी. इसी दौरान पुलिस ने छापेमारी कर उसको दबोच लिया था. कुछ वर्षों तक जेल में रहने के बाद पेशी के समय भाग निकला. पुलिस की आंखों में ज्यादा दिन तक धूल नहीं झोंक सका. फिर पकड़ा गया. उसके बाद जेल से ही गुर्गों को आदेश देकर लूट व छिनतई की घटना को अंजाम दिलाने लगा. 2012 में रांची के डुमरडग्गा से कुख्यात संतोष झा व मुकेश पाठक की गिरफ्तारी हुई.
जेल गये तो बबलू ने दोनों से हाथ मिला लिया.जेल से छूटने के बाद हत्या व लूट की घटना को अंजाम देने लगा. 2014 में नेपाल के काठमांडू में पकड़ा गया. नेपाल जेल से जमानत पर बाहर आकर भारतीय सीमा में प्रवेश करते मोतिहारी पुलिस ने उसको दबोच लिया, तब से सलाखों के पीछे है.
