डकैती के दौरान हुई मुकेश के छोटे भाई की हत्या
प्रतिशोध में कर दी मुखिया पति चुन्नू ठाकुर की हत्या
पत्नी की गोली मार हत्या में मुकेश पर लगा था आरोप
24 जनवरी 2016 को दरभंगा कांड में हुआ कुर्की जब्ती
मोतिहारी : पसी विवाद में अपने चाचा की हत्या कर सुर्खियों में आये मुकेश पाठक ने एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दे सुर्खियों में रहा. मेहसी थाना के मड़आबाद निवासी मुकेश पाठक ने पांच मई 2003 को पारिवारिक विवाद में चाचा प्रेमनाथ पाठक की हत्या कर दी. इसको लेकर मेहसी थाने में कांड संख्या 34/03 के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई और मुकेश गिरफ्तार हो जेल चला गया.
मामले में जमानत पर छूट घर आया. इधर, उसकी पत्नी की गोली मार हत्या कर दी गयी, जिसमें मुकेश पाठक का ही नाम उछला. हालांकि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज न हो सकी. इस बीच उसके घर डकैती की घटना घटी, जिसमें उसके छोटे भाई की हत्या कर दी गयी. आशंका हरपुरनाग के मुखिया पति चंद्रकिशोर उर्फ चुन्नु ठाकुर पर हुई. आशंका और प्रतिशोध की आग में जल रहे मुकेश पाठक ने 11 दिसंबर 2010 को मेहसी प्रखंड कार्यालय परिसर में ही अपने सहयोगियों के साथ चुन्नु ठाकुर को अत्याधुनिक हथियार से छलनी कर दिया.
चीख पुकार के बीच लोगों ने प्रखंड-अंचल कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. पुलिस अधिकारी तमाशाबिन बने रहे, क्योंकि भीड़ काफी उक्त थी. थाना में भी लोगों ने तोड़-फोड़ किया. हत्या की घटना को ले मेहसी थाने में कांड संख्या 137/10 दर्ज किया गया. उस समय मुकेश को शातिर अपराधी संतोष झा का साथ मिल रहा था. 24 जनवरी 16 को दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड में पुलिस ने उसके घर की कुर्की जब्ती की थी. चुन्नु ठाकुर हत्या के बाद मुकेश पाठक राज्य स्तर पर सुर्खियों में आया और दरभंगा के डबल मार्डर के पूर्व बेलसंड में हत्या, रंगदारी का उत्तर बिहार में सिक्का जमा
लिया था.
कई मामलों में केस दर्ज नहीं
चकिया : हसी मड़आबाद निवासी मुकेश पाठक के पुलिस हत्थे चढ़ने से क्षेत्र के व्यपारियों, ठेकेदारों व अमन-चैन पसंद करनेवाले लोगों ने राहत की सांस ली है. चर्चाओं के अनुसार 2003 से 2013 के बीच यानी करीब एक दशक में इस क्षेत्र से मुकेश ने कई लोगों से रंगदारी की उगाही की है, लेकिन उसका खौफ ऐसा था कि ज्यादातर मामले में केस दर्ज नहीं किये गये. उसकी गिरफ्तार से क्षेत्र के व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है.
अनुमंडल में करीब आधे दर्जन मामले है दर्ज:जानकारी के अनुसार, मुकेश पर दिनांक पांच मई 2003 को 34/03 प्रेमनाथ हत्याकांड से जुड़ा प्राथमिकी, जबकि मेहसी का चर्चित तत्कालिन मुखिया पति चुन्नू ठाकुर हत्याकांड से जुड़ा है. जिसमें उस पर मेहसी थाना कांड संख्या 137/10 दर्ज है, जबकि इसी मामले में मेहसी थाने द्वारा ही उस पर 142/10 दर्ज है. वही कल्याणपुर थाने में एक व्यवसायी से रंगदारी का मामला 19 सितंबर 2011 को 107/11 दर्ज है.
