चार चक्र की सुरक्षा भेद उड़ाये रुपये

अपराध. समाहरणालय परिसर में है स्टेट बैंक की शाखा, उचक्कों ने नहीं लगने दी भनक जिले के अति सुरक्षित क्षेत्र समाहरणालय परिसर स्थित बैंक के अंदर से झपटमारी की वारदात को उचक्कों ने अंजाम दिया है. इससे जिले में बैंकों की सुरक्षा पर सवार खड़े हो रहे हैं. मोतिहारी : समाहरणालय परिसर जैसे अति सुरक्षित […]

अपराध. समाहरणालय परिसर में है स्टेट बैंक की शाखा, उचक्कों ने नहीं लगने दी भनक

जिले के अति सुरक्षित क्षेत्र समाहरणालय परिसर स्थित बैंक के अंदर से झपटमारी की वारदात को उचक्कों ने अंजाम दिया है. इससे जिले में बैंकों की सुरक्षा पर सवार खड़े हो रहे हैं.
मोतिहारी : समाहरणालय परिसर जैसे अति सुरक्षित परिसर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की कचरही शाखा में सोमवार को को साढ़े 11 बजे के करीब उचक्कों ने व्यापारी के छह लाख 15 हजार रुपये झपट लिए. इसके बाद आराम से वहां फरार भी हो गये. हालांकि इस दौरान बैंक में एक-चार स्तर से सुरक्षा कर्मी तैनात थे. यही नहीं बाहर ट्रेजरी की सुरक्षा में लगे जवानों के अलावा कैश वान लेकर आये वाहन के सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे. इस सबके बावजूद उचक्के रुपये लेकर भागने कामयाब रहे.
वारदात के समय प्रकाश सेल्स एजेंसी के मालिक मनोज कुमार पॉकेट में रखे 70 हजार रुपये का मिलान करा रहे थे. वे निश्चिंत थे कि हम बैंके अंदर कैश मिलान काउंटर के सामने रखे हैं. यहां राशि सुरक्षित है, उन्हें क्या पता था कि इस सुरक्षित जगह से ही उनकी राशि झटक ली जायेगी. व्यवसायी की माने तो वे अपने धर्म समाज स्थित घर से करीब 10.40 बजे बैंक के लिए चले. करीब 70 हजार पॉकेट में था और छह लाख 15 हजार काले रंग के बैग में. महज संयोग था कि 70 हजार रुपये पॉकेट में था अन्यथा बैग में रहता तो उक्त राशि छह लाख 85 हजार हो जाती .
इनकी दूसरी एजेंसी बलुआ में है प्रकाश इंटर पाराइजेज. व्यवसायी मनोज ने बताया कि बैंक में घुसने के बाद हम निश्चिंत थे कि बैंक के अंदर कैश काउंटर पर राशि सुरक्षित है. इसी बीच उचक्कों ने वारदात को अंजाम दे दिया. उधर, पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि भीड़ के बावजूद काउंटर के अंदर उचक्के कैसे घुसे. मेन गेट से कैश मिलान काउंटर की दूरी विभिन्न काउंटर होते हुए करीब 20 गज होगी.
इधर नगर इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि घटना करीब 11.10 की है और नगर थाना को सूचना दी गयी है करीब दो बजे. समय से सूचना मिलती तो गश्त पर भ्रमणशील पुलिस को सूचना दे पीछा कराया जा सकता था. उचक्कों को समय मिला. वैसे पूरे शहर व जिले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों को चिह्नित कर छापेमारी की जा रही है. अपराधियों की तसवीर अन्य पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गयी है.

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