रामगढ़वा कांड. महिला आयोग की सदस्य की मौजूदगी में हुई जांच
मोतिहारी : रामगढ़वा के ‘निर्भया’ कांड में राष्ट्रीय महिला आयोग ने सदर अस्पताल के मेडिकल जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है. दिल्ली से मामले की जांच करने शनिवार को पहुंचीं आयोग की सदस्य सुषमा साहू ने सिविल सर्जन प्रशांत कुमार को फटकार लगायी. इसके बाद फिर से मेडिकल टीम गठित हुई. श्रीमती साहू की मौजूदगी में शनिवार को पीड़िता की दुबारा मेडिकल जांच की गयी. टीम ने अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में सिविल सर्जन को सौंप दी है. सिविल सर्जन ने रिपोर्ट को डीएम अनुपम कुमार व एसपी जितेंद्र राणा को सौंप दिया है. इस मेडिकल रिपोर्ट में क्या है, सीएस ने सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.
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रामगढ़वा के ‘निर्भया कांड’
इससे पहले आयोग की सदस्य ने पीड़िता से घटना की जानकारी ली. उसने साफ कहा कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया, उसके बाद उसके निजी अंग में बंदूक की नाल घुसेड़ दी गयी. ग्रामीण समीउल्लाह ने 13 जून को उसके साथ रेप कर वीडियो क्लिप बनायी. इसी दौरान मौका मिलते ही पीड़िता ने उसके निजी अंग पर ब्लेड से हमला कर दिया. महिला आयोग की सदस्य को दिये बयान में पीड़िता ने कहा कि तीन दिनों तक डर से घर में दुबकी रही. इसी दौरान 15 जून को दरिंदों ने उसे घर से बाहर खींच कर नंगा कर दिया. बचाने आयी मां को पीटा, उसके बाद मेरे साथ अमानवीय व्यवहार किया.
मुझे इंसाफ चाहिए
महिला आयोग की सदस्य से आपबीती सुनाते हुए पीड़िता फफक-फफक कर रोने लगी. कहा, हमको इंसाफ चाहिए, और कुछ नहीं. उसने समीउल्लाह पर गांव की चार-पांच लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया. कहा समीउल्लाह ने चार शादियां की हैं.
एक्सपर्ट से करायी जायेगी जांच
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पीड़िता की दुबारा मेडिकल जांच करने वाली टीम ने रिपोर्ट की एक्सपर्ट से जांच कराने की सलाह दी है. टीम में शामिल महिला डॉक्टरों ने कहा कि जांच में काफी देर हुई है. पीड़िता की आधुनिक तकनीक से जांच की जरूरत है. आधुनिक जांच की सुविधा सदर अस्पताल में नहीं है. इसलिए मेडिकल जांच किसी मेडिकल कॉलेज में करायी जाय.
डीएम व एसपी को बंद लिफाफा में सौंपी जांच रिपोर्ट
पीिड़त युवती से अस्तपताल में िमले दो केंद्रीय मंत्री
अब तक मुख्य आरोपित सहित चार
हो चुके हैं गिरफ्तार
गिरफ्तार चारों आरोपियों के पिता
की तलाश में छापेमारी
