मौसम. गरमी से बीमारियों में इजाफा, बच्चों पर पड़ रहा ज्यादा असर
एक सप्ताह से उमस भरी गरमी से लोग हलकान हैं. इस उमस भरी गरमी में लोग चर्मरोग, डायरिया व इंसेफलाइटिस नामक रोग से ग्रसित हो रहे हैं. वहीं चर्म रोग के 1196 व डायरिया 850 मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में हो चुका है. वहीं, चिकित्सकों का मानना है कि सर्वाधिक बीमारी का कारण कारबाइड से पक्के आम के सेवन व धूप से लोगों में यह बीमारी बढ़ रही है.
मोतिहारी : पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गरमी से लोग हलकान हैं. लोग चर्म रोग, डायरिया, लू व इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इसको लेकर सदर अस्पताल, निजी नर्सिंग होम में मरीजों की काफी भीड़ जुट रही है. लोग गरमी से बेहाल है.
पूर्वी चंपारण जिला के विभिन्न जगहों से पिछले एक सप्ताह में सदर अस्पताल में 1196 चर्म रोग व 850 डायरिया के मरीज पहुंच चुके हैं, जिनका इलाज किया गया है. चिकित्सकों का मानना है कि सूर्य की तीव्र किरणों व तापमान में वृद्धि तथा आद्रता में वृद्धि होने के कारण ये संक्रमण रोग फैल
रहा है.
चिकित्सक इससे बचने की सलाह दे रहे हैं. साथ ही कारबाइड से पक्के आम का सेवन करने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं. डॉक्टरों ने लोगों को आम का सेवन करने से पूर्व उसे एक घंटा पानी में रखने की सलाह दे रहे हैं. चिकित्सकों का मानना है कि इस उमस भरी गरमी में निकलने से पहले खूब पानी पीने, सूती वस्त्रों का उपयोग करने, शरीर को साफ रखे, ताकि चर्म रोग, डायरिया व इंसेफ्लाइटिस नामक बीमारी से बच सकें. इसके लिए कच्चे प्याज, आम को पक्का कर शरबत का सेवन करने की भी सलाह चिकित्सक इन दिनों मरीजों को दे रहे हैं. वहीं, विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सदर अस्पताल में अलग-अलग चिकित्सकों की व्यवस्था की गयी है.
रोजाना सदर अस्पताल, नर्सिंग
होम में उमड़ रही भीड़
सदर अस्पताल में क्या है व्यवस्था
जिला स्थित सदर अस्पताल में गरमी से होने वाली बीमारियों के लिए अगल-अलग चिकित्सकों की व्यवस्था की गयी है. साथ ही मरीजों को हर संभव सुविधा देने के लिए सदर अस्पताल सजग हो चुका है.
कितने लोग हैं पीड़ित
एक सप्ताह के अंदर सदर अस्पताल में चर्म रोग के 1196 व डायरिया के 850 मरीजों का इलाज किया जा चुका है. वहीं स्थानीय शरण नर्सिंग होम से इंसेफ्लापइटिस रोग से ग्रस्ति दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर किया जा चुका है.
डॉ विजय कुमार सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ : गरमी में सबसे अधिक परेशानी बच्चों को आती है. इन दौरान बच्चों में कै-दस्त, सर्दी, खांसी, बुखार, चर्म रोग नामक बीमारियां होती हैं. इन बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए उन्हें अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए. वहीं, शरीर के भाग को ढक कर रखे. साथ ही एनटीसेफ्टीक साबुन का प्रयोग करें.
डॉ संध्या कुमारी, महिला चिकित्सक : गरमी में गर्भवती महिलाओं को सुबह हल्का भोजन करना चाहिए. जूस, चना के सत्तू का उपयोग अधिक से अधिक करना चाहिए. वहीं मिनरल वाटर का प्रयोग करे और तले हुए भोजन से परहेज करें. पानी खूब पीना साथ ही मांसहारी भोजन से परहेज करना चाहिए.
डॉ आलोक, आंख रोग विशेषज्ञ : गरमी से आंखों में लाली आ जाती है. कभी-कभी खून के थक्के जम जाते हैं जबकि वह धीरे-धीरे ठीक हो जाता है. आंखों को पानी से साफ करना चाहिए.
डॉ सुनील कुमार, फिजिशियन : उमस में शरीर व घर को साफ-सुथरा रखे. धूम में निकलना हो तो शरीर को ढक कर निकले, धूप चश्मे का इस्तेमाल करें साथ ही सूती कपड़ा का उपयोग करें और पानी का सेवन खूब करें.
