मोतिहारी : युवाओं में तनाव के कारण मानसिक रोग की विकृतियां बढ़ रही है. जहां मोतिहारी सदर अस्पताल में मनोचिकित्सक विभाग में गत वर्ष एक भी मानसिक रोग के शिकार युवक नहीं पहुंचे थे. वहीं, इस वर्ष महज पांच माह में 80 मरीज इलाज को पहुंचे. चिकित्सक की माने तो इलाज को पहुंचे मरीजों में मानसिक रोग की सारी प्रवृतियां निहित पायी गयी. विभाग ने युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी चिकित्सकीय सलाह दी है
और भविष्य के प्रति चिंता जतायी है. विभाग का मानना है कि जनवरी माह से लेकर मई तक वैसे युवा छात्र इलाज को पहुंचे है जो परीक्षा के कारण दबाव एवं तनाव महसूस कर रहे थे. उनमें कुछ ऐसे छात्र थे जिनकी पारिवारिक स्थिति दयनीय होने के साथ माता-पिता पर भी दबाव देखा गया. यानी उनकी ऐसी स्थिति हो गयी थी कि वे आत्म हत्या की बातें तक सोचने लगे हैं. विभाग ने उन युवाओं को अपने अभिभावक के साथ आने की सलाह दी.
इस दौरान विभाग के नैदात्रिक मनोवैज्ञानिक एकता व उनके कर्मचारियों ने उनका ग्रुप थेरेपी, विहैवियर के माध्यम से इलाज किया और अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों पर किसी तरह का दबाव नहीं डाले.
