पुलिस को देख बच्चे को लेकर भाग रहे थे अपहर्ता गिरफ्तार
मोतिहारी : शहर के कोल्हुअरवा मुहल्ला से अगवा पांच वर्षीय साहिल को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया. उसके साथ अपहर्ता मो परवेज पकड़ा गया है. साहिल की बरामदगी कुंडवाचैनपुर थाना के बड़हरवा गांव से शुक्रवार को हुई. साहिल को लेकर अपहर्ता मसौढ़ जा रहा था. इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी की तो वह साहिल को लेकर भागने लगा.
उसे रोकने के लिए पुलिस को छह राउंड फायरिंग करनी पड़ी, तब जाकर बच्चे की रिकवरी व अपहर्ता परवेज की गिरफ्तारी हुई. गिरफ्तार अपहरणकर्ता परवेज ढाका थाना के झौआराम गांव का रहने वाला है.
उसने अपने शागिर्द हरदिया गांव के मो वसीम के साथ मिलकर साहिल को अगवा किया था. पुलिस वसीम की गिरफ्तारी को लेकर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. बच्चे की सकुशल बरामदगी के बाद उसकी मां सलमा सहित परिवार के तमाम लोगों के चेहरे पर तीन दिनों बाद मुस्कान दिखी. उनकी आंखों से खुशी के आंसू झलक रहे थे. बताते चले कि 17 जनवरी को साहिल कोल्हुअरवा मुहल्ला स्थित अपने नाना मो असलम के घर के पीछे मंदिर के पास खेल रहा था. तभी अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया.
परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. उसी दिन मुहल्ले के ही बासु नामक व्यक्ति के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आया. कहा कि विनोद पासवान चाय वाला से बता कराओ, चाय वाले से बासु ने उसकी बात करायी तो कहा कि साहिल नाम का एक लड़का भटक कर चला आया है. उसके मा-पिता के पास जाकर बात कराओ. विनोद घर आकर सारी बात बताया. उसके बाद साहिल के मामा मंसूर आलम ने उक्त नंबर पर फोन कर बात किया तो अपहर्ता ने बोला कि बच्चा मेरे पास है,
रात में आपसे बात करूंगा. करीब दस बजे रात में मोबाइल पर मैसेज भेज अपहर्ताओं ने बच्चे को छोड़ने की एवज में दस लाख की फिरौती मांगी. घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर छापेमारी कर बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए अपहरणकर्ता परवेज को गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी में नगर इंस्पेक्टर आनंद कुमार, छतौनी इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, दारोगा नागेंद्र सहनी, ढाका थाना के दारोगा राजा अहमद सहित अन्य शामिल थे.
मांगा था दस लाख, एक लाख लेने को थे तैयार
साहिल को मुक्त करने के लिए अपहरणकर्ताओं ने उसके परिजनों ने पहले दस लाख की फिरौती मांगी. अपनी आर्थिक स्थिति परिजनों ने बतायी तो अपहर्ता पांच लाख, फिर तीन लाख और अंत में एक लाख तक लेने को तैयार हो गये थे. पैसा लेकर पहले घोड़ासहन बुलाया, उसके बाद छौड़ादानो आने को कहा. परिजनों के साथ पुलिस भी सादे लिबास में थी. बाद में अपहर्ताओं ने कहा कि एक घंटे में पैसा नहीं मिला तो बच्चे को मार देंगे. उसके बाद पुलिस की बेचैनी और बढ़ गयी. अाखिरकार पुलिस के बिछाये जाल में बच्चे के साथ अपहर्ता फंस गया.
