हाय री गरीबी l बहन की आंखों के सामने ठंड से ठिठुर कर मर गया जवान भाई
मोतिहारी : नगर भवन के पास ठंड से ठिठुरते एक नौजवान की गरीबी तमाशा बन गयी. ठंड से बचने के लिए उसे एक कंबल की जरूरत थी. इसके लिए उसकी बहन सड़क पर भीख मांगती रही, लेकिन पत्थर दिल लोगों का कलेजा नहीं पिघला. नौजवान ने जब दम तोड़ दिया, तो कफन के लिए लोग उसे चंदा देने पहुंचे, फटा-पुराना कंबल भी मिला, लेकिन जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि शव को ढकने के लिए, आंखों के सामने भाई की मौत से मर्माहत माधुरी ने कफन के लिए पैसा लेने से इंकार कर दिया.
उसने लोगों से जो कहा, वह इंसानियत को शर्मसार करनेवाला था. माधुरी ने कहा, हमें अब पैसा नहीं चाहिए, मदद करनी है, तो भाई को कंधा देकर उसे श्मशान तक पहुंचाने में सहयोग कीजिए. इस पर लोगों की जुबान बंद हो गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर आयी. माधुरी भी सदर अस्पताल पहुंची. उसने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया. बकौल माधुरी, भाई संजु के सिवा दुनिया में मेरा कोई नहीं. सिर छुपाने के लिए न तो घर है, न खाने के लिए अनाज. ठंड से बचने के लिए वस्त्र भी नहीं हैं. रेलवे स्टेशन पर मंदबुद्धि भाई संजु के साथ किसी तरह जिंदगी कट रही थी.
िजंदा था, तो
सोमवार की सुबह एक महिला स्वीपर ने आकर हमलोगों को स्टेशन से भगा दिया. उसने आगे बताया कि संजु ठंड से कंपकपा रहा था. उसे लेकर नगर भवन के पास एक पेड़ के नीचे बैठी. आने-जाने वालों से कंबल खरीदने के लिए पैसा मांगती रह गयी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. कुछ घंटों में संजु की सांसें थम गयी. उसके बाद की वाकया कहते-कहते माधुरी दहाड़ मार रोने लगी. उसने पुलिस कैंप प्रभारी भरत राय से कहा कि मुझे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना है.
इसके लिए मेरी मदद कीजिए, क्या करना होगा बताईये. उसके आग्रह पर शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ. पुलिस कैंप प्रभारी ने बताया कि शव के दाहसंस्कार की व्यवस्था की जा रही है.
बहन बोली मरने के बाद नहीं चाहिए पैसा, श्मशाम पहुंचाने में करें सहयोग
