500 एएनएम भी हड़ताल में शामिल
जिले में स्वास्थ्य सेवा चरमरायी
27 प्रा. व 417 हैं उपस्वास्थ्य केंद्र
मोतिहारी : संविदा पर बहाल कर्मचारियों के सेवा समाप्त करने की चेतावनी पर हड़ताली कर्मचारी उग्र हो गये. गुरुवार को डब्ल्यूएचओ के कर्मचारियों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की गयी.
ओपीडी भवन के मुख्य द्वार को जाम कर धरना-प्रदर्शन किया. जबकि अन्य दिनों की तरह इमरजेंसी सेवाएं बहाल रही. महिला ओपीडी भी चले. संविदा पर बहाल कर्मचारियों की सेवा समाप्त कराने का निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा आया. उसके बाद कर्मचारी उग्र हो गये. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ ओपीडी के सभी विभागों को घूम-घूम कर बंद कराया.
इसी क्रम में डब्ल्यूएचओ की ओर से कर्मचारियों ने रुख किया. जहां कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने लगे. विरोध करने पर हड़ताली कर्मचारी ने मुक्केबाजी शुरू कर दी. कुछ कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया. उसके बाद मामला शांत हो गया. डाॅ अरसद कमाल ने बताया कि इमरजेंसी में 30 मरीजों को देखा गया, जबकि इंडोर में 15 मरीज देखे गये. वहीं महिला ओपीडी में डाॅ रश्मि श्री ने लगभग 40-50 महिला मरीजों का इलाज किया. पैथोलॉजी में 25 मरीजों का जांच हुआ.
सीएस ने दिया कार्रवाई का निर्देश
सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर प्रधान सचिव किया है कि वैसे संविदा कर्मी जो सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे है, उन्हें चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए 24 घंटे के अंदर कार्यालय को सूचना दे. साथ ही आदेश का अवहेलना करनेवाले पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की सूचना दें.
जिले में अस्पतालों की स्थिति : पूर्वी चंपारण में एक सदर अस्पताल, तीन रेफरल अस्पताल, 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 417 उपस्वास्थ्य केंद्र है, जिसमें लगभग पांच हजार संविदा पर कर्मचारी कार्यरत हैं. इनमें लगभग 500 एएनएम भी शामिल हैं.
सीएस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
मोतिहारी. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने सिविल सर्जन डाॅ प्रशांत कुमार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संविदा कर्मियों की हड़ताल के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि हड़तालियों पर क्या कार्रवाई हुई. इस संदर्भ में भी पूछताछ की. सीएस ने दावा किया कि इमरजेंसी सेवा बहाल रही.
