Buxar News: सदर अस्पताल के आइसीयू को चालू कराने के लिए युवाओं ने शुरू किया आमरण अनशन

सदर अस्पताल के आईसीयू की सेवा बहाल करने के लिए सीएस के कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया गया है

बक्सर

. सदर अस्पताल के आईसीयू की सेवा बहाल करने के लिए सीएस के कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया गया है. आमरण अनशन युवाओं ने सीएस कार्यालय के बाहर पेड़ के नीचे किया है. पहले दिन मंगलवार को सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता हरे कृष्ण सिंह उफ कृष्णा सिंह यादव के नेतृत्व में किया गया है. उनकी मांगों में सदर अस्पताल में पिछले कई वर्ष पूर्व तैयार आईसीयू की सेवा बहाल करना शामिल है. हरे कृष्ण सिंह का कहना है कि जिले में वाहनों की गति में काफी विस्तार हुआ है. सुगम आवागमन एवं सड़क के निर्माण होने पर रफ्तार में काफी विकास हुआ है. इसको लेकर आये दिन जिले मे दुर्घटनाओं की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है. जिले में क्रिटिकल मरीजों का इलाज की सुविधा होने के बावजूद नहीं हो पा रहा है. जिसके कारण क्रिटिकल मरीजों को समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है. इससे उन्हें वाराणसी एवं पटना ले जाने के क्रम में काफी देर हो रहा है. जिससे ऐसे क्रिटिकल मरीजों की जान चली जा रही है. जिले के लगभग 18 लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर हरे कृष्ण सिंह लगातार अभियान चला रहे है. जिससे जिले वासियों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा जिले में मिल सके. 10 बेड का सदर अस्पताल में पिछले दो वर्षों से लाखों की लागत से बनकर तैयार है. जिसे 14 फरवरी को एक ही एनेस्थेटिक डॉक्टर के सहारे शुरू करने का पत्र जारी किया गया था. जिसके बाद आईसीयू में झाडू पोछा के बाद फिर से बंद हो गया है. जिसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. जिससे काफी संख्या में हो रहे दुर्घटनाग्रस्त लोगों की जान इलाज के अभाव में चली जा रही है. उन्होंने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधि केवल अपने लाभ के बारे में ही सोच रहे है. कभी भी जन प्रतिनिधि होने के बाद भी जनता की बात नहीं कर रहे है. वे अपने लाभ वाले विकास कार्यों को ही कर रहे है. किसी जन प्रतिनिधि ने जिले में ध्वस्त हो रहे स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य नहीं किया है. पहले दिन हरे कृष्ण सिंह उर्फ कृष्णा यादव ने आमरण अनशन किया. काफी गर्मी होने के कारण पहले ही दिन कृष्णा यादव की तबियत खराब होने लगी है. वहीं सीएस के गेट के समक्ष धरना पर शामिल युवाओं से मिलने के लिए न तो सिविल सर्जन पहुंचे और न ही सदर अस्पताल के स्वास्थ्य जांच को लेकर चिकित्सकों का कोई टीम ही पहुंची.

सदर अस्पताल में 10 बेड का तैयार है आइसीयू

सदर अस्पताल में मिशन 60 के तहत आईसीयू का निर्माण कराया गया हैै. जहां सभी प्रकार की इलाज से संबंधित व्यवस्था की गई है. लेकिन जिले वासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. डॉक्टर की ड्यूटी लगाने पर वे लंबी छुट्टी समेत अन्य कारणों से इलाज कराने गायब हो जाते है. सीएम के बक्सर जिले में प्रगति यात्रा के दौरान युवाओं ने हरे कृष्ण सिंह के नेतृत्व में विरोधस्वरूप काला झंडा दिखाने का प्रशासन को जानकारी दिया था. जिसके बाद आनन-फानन में जिला प्रशासन के सहयोग से आईसीयू चालू करने का पत्र जारी किया गया था.

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