Buxar News : बक्सर जिला के राजपुर प्रखंड क्षेत्र के संगरॉव गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 21 पर विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर जागरूकता सह गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया. सेविका सीमा देवी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में गांव की गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं ने हिस्सा लिया. इस दौरान महिलाओं को स्तनपान, पोषण और गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य देखभाल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी.
मां का पहला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए पहला टीका
सेविका सीमा देवी ने महिलाओं को नवजात शिशु के स्वास्थ्य में स्तनपान के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध यानी कोलोस्ट्रम जरूर पिलाना चाहिए. यह बच्चे के लिए पहले टीके की तरह काम करता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है.
छह माह तक केवल मां का दूध देने की सलाह
कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि जन्म के बाद शुरुआती छह महीनों तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए. इससे बच्चे को आवश्यक पोषण मिलता है और कई तरह के संक्रमणों से बचाव में मदद मिलती है. माताओं से स्तनपान को लेकर किसी तरह की भ्रांति से बचने और उचित जानकारी अपनाने की अपील की गयी.
पोषण सामग्री देकर पूरी की गयी गोद भराई की रस्म
कार्यक्रम के दौरान केंद्र पर पहुंची गर्भवती महिलाओं को फल, हरी सब्जियां, अनाज आदि से युक्त पोषण टोकरी भेंट की गयी. इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार गोद भराई की रस्म पूरी की गयी. महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गयी.
समय पर जांच और आयरन-कैल्शियम लेने की अपील
सेविका ने गर्भवती महिलाओं से नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन व कैल्शियम की गोलियां लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच मां और बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है.
सहायिका ने संभाली कार्यक्रम की व्यवस्था
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आंगनबाड़ी सहायिका मतीसरी देवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. मौके पर गांव की कई अन्य महिलाएं भी मौजूद रहीं. कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारियों के प्रति जागरूक किया गया.
