बक्सर जिला समाहरणालय परिसर स्थित नवनिर्मित सभागार में 'उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना' के अंतर्गत जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में भव्य वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में बक्सर जिले के मैट्रिक, इंटरमीडिएट, स्नातक तथा समकक्ष स्तर के लगभग 100 उर्दू भाषी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ विधिवत शुभारंभ
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन अपर समाहर्ता (ADM) अरुण कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता फरखंदा कुरैशी, वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी (जिला उर्दू भाषा कोषांग) अजय कुमार तथा स्थापना उप समाहर्ता रवि बहादुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
24 प्रतिभागियों ने लहराया परचम
सख्त प्रतिस्पर्धा के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में तीनों वर्गों (मैट्रिक, इंटर और स्नातक स्तर) से कुल 24 छात्र-छात्राओं ने अपने तार्किक विचारों और भाषाई कौशल के दम पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की. प्रतिभागियों ने विभिन्न समसामयिक, ज्वलंत और सामाजिक विषयों के पक्ष एवं विपक्ष में अपने सारगर्भित विचार रखे, जिसे निर्णायक मंडल और उपस्थित अतिथियों ने खूब सराहा.
भाषाई कौशल और व्यक्तित्व विकास पर बल
समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और सभी छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने तथा उर्दू भाषा व साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया. वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के रचनात्मक मंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने, तार्किक क्षमता बढ़ाने और भाषाई अभिव्यक्ति को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
इस अवसर पर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, उर्दू भाषा कोषांग से जुड़े कर्मी, बक्सर जिले के सभी उर्दू अनुवादक, सहायक उर्दू अनुवादक, निर्णायक मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
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