Buxar News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का व्यापक असर बक्सर स्थित विश्वामित्र महाविद्यालय में लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला. गुरुवार को महाविद्यालय परिसर में सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने बिहार सरकार द्वारा लाए जा रहे प्रस्तावित 'बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026' के विरोध में जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया.
स्वायत्तता और शिक्षक हितों पर खतरे का आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और प्राध्यापकों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रस्तावित अधिनियम को शिक्षा, स्वायत्तता और शिक्षक-कर्मचारी विरोधी करार दिया. आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि इस कानून के लागू होने से उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी तथा कर्मचारियों के मौलिक अधिकार बुरी तरह प्रभावित होंगे.
शिक्षक व कर्मचारी संघ ने एकजुट होकर किया प्रदर्शन
यह प्रदर्शन महाविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. रवि प्रभात के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कॉलेज के सभी प्राध्यापक शामिल हुए. वहीं शिक्षकेतर कर्मचारी संघ की सचिव शांति कुमारी देवी की अगुवाई में सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए परिसर में मार्च निकाला व सभा की.
संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक राज्य सरकार इस विवादित प्रस्तावित अधिनियम को वापस नहीं लेती या इसमें शिक्षक हितैषी संशोधन नहीं करती, तब तक आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा. कर्मचारियों ने सरकार से तुरंत वार्ता की मेज पर आकर समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की है.
