Buxar News : (मृत्युंजय सिंह) जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 तथा मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 से संबंधित जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं सतर्कता समिति की बैठक समाहरणालय परिसर में की गई.
बैठक में विशेष लोक अभियोजक और अनुसूचित जाति एवं जनजाति न्यायालय के कार्यों की समीक्षा की गई. इस दौरान पाया गया कि कई मामलों के निष्पादन की गति धीमी है और लगभग 25 मामले स्पीडी ट्रायल के लिए लंबित हैं. इस पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अनुसंधान पदाधिकारियों और चिकित्सकों की गवाही सुनिश्चित कर मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया.
पीड़ितों को मिली आर्थिक सहायता
जिला कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 69 पीड़ितों को कुल 49.69 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 42 मामले प्राप्त हुए हैं, जिनमें भुगतान की प्रक्रिया जारी है.
इसके अलावा हत्या से जुड़े 5 मामलों में मृतकों के आश्रितों को कार्यालय परिचारी के पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि 3 मामलों में प्रक्रिया चल रही है.
मैनुअल स्कैवेंजिंग मामलों पर सख्ती
बैठक में मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत सिकरौल में हुई एक घटना पर जिला पदाधिकारी ने खेद व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया.
बैठक से गायब रहने पर स्पष्टीकरण पूछा
मानसून को देखते हुए सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर सफाई व्यवस्था की नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया. साथ ही नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर दिया
नगर परिषद और नगर पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि मलनालियों और सेप्टिक टैंकों की सफाई में उपयोग होने वाले सुरक्षा उपकरणों और मशीनों से संबंधित मासिक प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें.
बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, विशेष लोक अभियोजक सहित सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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