Buxar News : बक्सर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के होने वाले एक दिवसीय आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. मुख्यमंत्री वामन द्वादशी के पावन अवसर पर केंद्रीय कारा परिसर स्थित भगवान वामनेश्वर मंदिर में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे. इसको लेकर शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया है. मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है और सड़कों की झाड़-बुहार कर चकाचक कर दिया गया है.
वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसंवाद स्थलों का अंतिम पूर्वाभ्यास (कारकेड रिहर्सल) भी संपन्न हो चुका है. लोक निर्माण विभाग से लेकर नगर परिषद तक ने रात-दिन एक कर मुख्यमंत्री के पूरे रूट को चमका दिया है.
अभेद्य किले में तब्दील हुआ शहर
सीएम के दौरा को लेकर सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. नई बाजार हवाई अड्डा परिसर में बने हेलीपैड से लेकर वामनेश्वर मंदिर और चुरामनपुर कार्यक्रम स्थल तक चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों की तैनाती की जा चुकी है. सुरक्षा घेरे को पुख्ता रखने के लिए सभी संवेदनशील मोड़ों और मुख्य सड़कों पर बांस-बल्ले की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है. जहां से बिना वैध पास या सघन जांच के किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को सुरक्षा परिधि में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होगी.
सड़कें हुईं चकाचक, विशेष सफाई
मुख्यमंत्री के आगमन को यादगार बनाने के लिए शहर के वीआईपी मार्गों का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है. जर्जर सड़कों के पैच वर्क के साथ-साथ मुख्य फ्लीट मार्ग का युद्धस्तर पर कालीकरण किया गया है, जिससे दो दिन पूर्व धूल व गड्ढा की पर्याय बनी सड़कें गड्ढामुक्त होकर चमचमा रहीं हैं.
नगर परिषद द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़कों के किनारे से मिट्टी और कूड़े को पूरी तरह साफ कर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है. यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने 23 सितंबर को शहर के कई मुख्य मार्गों पर भारी और निजी वाहनों के लिए विशेष रूट डायवर्जन का आदेश जारी कर दिया है.
चुरामनपुर में भव्य पंडाल तैयार
धार्मिक अनुष्ठान और विश्वामित्र पार्क स्थल के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री चुरामनपुर में प्रस्तावित मुख्य जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. इसके लिए मैदान में वाटरप्रूफ तकनीक से लैस एक विशाल और भव्य पंडाल सह मंच तैयार किया गया है, जहां हजारों लोगों के बैठने की मुकम्मल व्यवस्था की गई है. चूंकि मुख्यमंत्री पूर्व में भी वामन मंदिर को लेकर बड़े निर्णय ले चुके हैं, इसलिए इस बार बक्सर के विकास, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर उनके पिटारे से निकलने वाली संभावित ऐतिहासिक सौगातों पर पूरे बक्सर वासियों की निगाहें टिकी हुई हैं.
