Buxar Sarpanch Murder : बक्सर के राजपुर प्रखंड में सरपंच सुभाष यादव की निर्मम हत्या के बाद माहौल अभी भी गम और गुस्से से भरा हुआ है. इसी बीच सरपंच संघ ने पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आकर एकजुटता दिखाई है. संघ के अध्यक्ष फुटुचंद सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिवंगत सरपंच के घर पहुंचा, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर हाल में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया.
बताया जा रहा है कि यह घटना करीब एक सप्ताह पहले इटाढ़ी प्रखंड के कुकुढ़ा पंचायत में हुई थी, जहां एक विवाद के दौरान सरपंच सुभाष यादव की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.
परिजनों को दिलाया भरोसा, न्याय की मांग तेज
सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनका दर्द साझा किया. इस दौरान संघ के नेताओं ने साफ कहा कि वे इस मुश्किल घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.
परिजनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और उन्हें सख्त सजा दी जाए. घटना के बाद से ही परिवार और ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है.
Buxar News : पुलिस प्रशासन पर बढ़ा दबाव
प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर संबंधित थानाध्यक्ष और बक्सर के एसपी से भी बातचीत की. संघ की ओर से प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनकी तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए.
सरपंच संघ का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं. उन्होंने साफ कर दिया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस मौके पर सरपंच संघ के कई सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में सरपंच उपेंद्र पासवान, संजय कुमार सिंह, रमेश राम, अखिलेश राम, प्यारेलाल सिंह और योगेंद्र चौधरी सहित कई अन्य लोग शामिल थे.
सभी ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए.
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है. सरपंच संघ के समर्थन से पीड़ित परिवार को जरूर हौसला मिला है, लेकिन अब असली परीक्षा प्रशासन की है.
यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन के लिए जरूरी है कि वह निष्पक्ष और तेजी से कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए.
