Buxuar News : बक्सर जिला स्वास्थ्य समिति टीबी (यक्ष्मा) उन्मूलन अभियान को गति देने में जुटी है. इसी कड़ी में गुरुवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निक्षय दिवस मनाया गया. विभिन्न प्रखंडों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीबी संक्रमण की जांच के साथ लोगों को इसके लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया गया.
धरहरा और इटाढ़ी में 81 लोगों की हुई जांच
डुमरांव प्रखंड के धरहरा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ सुरेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में 40 लोगों की टीबी जांच की गयी. वहीं इटाढ़ी प्रखंड के महिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ सुनील कुमार मैथयुज की अध्यक्षता में 41 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी. इस दौरान सीएचओ-पीएसपी सदस्य, एएनएम पुष्प लता कुमारी और आशा फैसिलिटेटर डेजी देवी भी उपस्थित रहीं.
टीबी के लक्षण और बचाव की दी गयी जानकारी
स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को बताया कि टीबी कैसे फैलती है, इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. लोगों को बीमारी के प्रति सतर्क रहने और समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया.
दो सप्ताह से अधिक खांसी होने पर कराएं मुफ्त जांच
कार्यक्रम के अंत में सीएचओ ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी है, तो वह तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मुफ्त जांच कराए. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है.
हर महीने की 16 तारीख को मनाया जाता है निक्षय दिवस
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भारत सरकार के टीबी उन्मूलन संकल्प के तहत प्रत्येक माह की 16 तारीख को निक्षय दिवस मनाया जाता है. इस दिन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविर लगाकर संदिग्ध मरीजों की मुफ्त जांच, टीबी रोगियों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने तथा 'निक्षय पोषण योजना' के तहत पौष्टिक आहार के लिए वित्तीय सहायता की जानकारी दी जाती है. इसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से देश को टीबी मुक्त बनाना है.
