ब्रह्मपुर (बक्सर) से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar Land Measurement : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने जमीन मापी (सर्वेक्षण) की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है. अब ऑनलाइन आवेदन के मात्र 48 घंटे के भीतर अंचल अमीन मौके पर पहुंचकर मापी की कार्रवाई करेंगे. नई व्यवस्था 10 जून से बक्सर जिले के सभी अंचलों में प्रभावी हो गई है.
हालांकि, इस बदलाव के साथ जमीन मापी की सरकारी दरों में भारी वृद्धि की गई है, जिससे आम लोगों और किसानों में असंतोष देखा जा रहा है.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़े शुल्क
नई दरों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य मापी के लिए प्रति खेसरा न्यूनतम 1,000 और अधिकतम 4,000 शुल्क तय किया गया है. पहले यह शुल्क अधिकतम 1,000 तक सीमित था.
शहरी क्षेत्रों जैसे बक्सर नगर परिषद और डुमरांव में प्रति खेसरा 2,000 और अधिकतम 8,000 तक शुल्क निर्धारित किया गया है.
तत्काल मापी के लिए और अधिक शुल्क
यदि किसी को आपात स्थिति में तत्काल मापी करानी हो तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा ₹2,000 और शहरी क्षेत्रों में ₹4,000 तक शुल्क देना होगा. इसमें अधिकतम सीमा क्रमशः ₹8,000 और ₹16,000 तय की गई है.
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
नई व्यवस्था के तहत अब आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। भुगतान भी नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड से किया जाएगा. आवेदन स्वीकार होते ही संबंधित अंचल अमीन को डिजिटल रूप से सूचना भेजी जाएगी.
इसके बाद अमीन को 48 घंटे के भीतर स्थल पर पहुंचकर मापी करनी होगी.
लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और दलालों की भूमिका समाप्त होगी, लेकिन ग्रामीणों और किसानों में बढ़ी हुई दरों को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि खेती-किसानी की स्थिति पहले से कमजोर है और इस तरह की बढ़ोतरी से आर्थिक बोझ और बढ़ेगा.
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