बक्सर : महीने में लाखों की आय देने वाला कवलदह पार्क असुरक्षित, शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

बक्सर का कवलदह पार्क राजस्व का बड़ा स्रोत होने के बावजूद उपेक्षा का शिकार है. गंदे शौचालय और जानलेवा बिजली के तार पार्क में आने वालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. तालाब का दूषित पानी भी चिंता का विषय बना हुआ है.

Kavaldah Park : बक्सर शहर का इकलौता कवलदह पार्क हर महीने वन विभाग को एक से दो लाख रुपये तक का राजस्व देता है, लेकिन पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. पार्क में टहलने और घूमने आने वाले लोगों को 10 रुपये का शुल्क देना पड़ता है, जबकि नौका विहार का आनंद लेने के लिए 30 रुपये का टिकट लेना होता है.

शौचालय की हालत जर्जर, आती है दुर्गंध

यहां हर दिन सुबह में अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में आम लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए यहां टहलने पहुंचते हैं, लेकिन दुर्गंध और बिजली के तार से उत्पन्न खतरे के कारण लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पार्क में आने वाले अधिकारियों और आम लोगों का कहना है कि पार्क के बाहर नगर परिषद द्वारा शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने के कारण वहां से तेज दुर्गंध निकलती है. इसका असर पार्क में टहलने और घूमने आने वाले लोगों पर पड़ रहा है.लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण पार्क के आसपास रुकना भी मुश्किल हो जाता है.

पार्क के बीच से गुजरा है 11 हजार वोल्ट का तार

पार्क के बीच से 11 हजार वोल्ट का विद्युत तार गुजर रहा है.यह तार पूर्व में दो बार टूटकर नीचे गिर चुका है. 6 अक्टूबर 2024 और फिर 28 जून 2026 को तार टूटने की घटना से पार्क में अफरातफरी मच गई थी. लोगों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ के समय इस तरह की घटना होती है तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है.

पार्क में बने तालाब का काला पड़ गया पानी.

दूषित हो गया है तालाब का पानी, मर रहीं मछलियां

पार्क स्थित तालाब के पानी से भी दुर्गंध आने की शिकायत है. बताया जाता है कि तालाब में मछलियों के मरने और पानी की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह समस्या बनी हुई है. वन विभाग की ओर से संबंधित विभागों को कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप है.

मत्स्य विभाग को लिखा गया है पत्र : रेंजर

वन विभाग के रेंजर सुरेश कुमार ने बताया कि तालाब के पानी की जांच कराने तथा दुर्गंध दूर करने के लिए मत्स्य विभाग को पत्रांक 487, दिनांक 29 मई 2025 और पत्रांक 628, दिनांक 16 अगस्त 2024 के माध्यम से जानकारी दी गई थी.विभाग से पानी में आवश्यक दवा और चूना का छिड़काव कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि पार्क से गुजर रहे विद्युत तार को लेकर विद्युत विभाग को पत्रांक 925, दिनांक 31 जुलाई 2026 के माध्यम से पत्र भेजा गया है, ताकि तार को सुरक्षित तरीके से हटाया या शिफ्ट किया जा सके और किसी अनहोनी की आशंका समाप्त हो.

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By प्रशांत कुमार राय

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