बक्सर. अधिकार जीविका महिला स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, इटाढ़ी की वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक आम सभा सोमवार को उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुई. आईटी भवन, प्रखंड परिसर इटाढ़ी में आयोजित आम सभा का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका बक्सर दयानिधि चौबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
सीएलएफ की वित्तीय व्यवस्था की हुई समीक्षा
Jeevika Women Self Help Groups Buxar से जुड़ी इस आम सभा में सीएलएफ की वित्तीय और संस्थागत व्यवस्था के साथ दीदियों द्वारा किए जा रहे आजीविका और रोजगार संवर्धन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई. कार्यक्रम में जीविका फार्म मैनेजर मो. शमीम असलम, प्रखंड परियोजना प्रबंधक इटाढ़ी श्वेता सुरभि समेत अन्य अधिकारी और जीविका कर्मी मौजूद रहे.
सैकड़ों जीविका दीदियों ने लिया हिस्सा
अधिकार सीएलएफ की अध्यक्ष रीता देवी, सचिव सीमा देवी, कोषाध्यक्ष आसमा बीबी, एसी जयप्रकाश प्रसाद, अतुल कुमार सिंह सहित प्रखंड के सभी जीविका कर्मी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. सीएलएफ से जुड़ी सैकड़ों जीविका दीदियों ने भारी संख्या में पहुंचकर आम सभा को एक पर्व की तरह मनाया.
477 स्वयं सहायता समूह और 36 ग्राम संगठन जुड़े
जानकारी के अनुसार अधिकार सीएलएफ के अंतर्गत वर्तमान में पांच पंचायतों के 477 स्वयं सहायता समूह (SHG) और 36 ग्राम संगठन (VO) जुड़े हुए हैं. इसके माध्यम से करीब 10,000 से अधिक जीविका दीदियां सामुदायिक संस्थाओं से जुड़कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं.
महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान दीदियों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया गया. सीएलएफ के माध्यम से जीविका निधि से जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार सृजन के लिए सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही जीविका दीदी अधिकार केंद्र, जीविका दीदी की लाइब्रेरी, जीविका दीदी सिलाई केंद्र और शहरी आजीविका मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य संचालित किए जा रहे हैं.
हस्तनिर्मित उत्पादों का मिल रहा प्रशिक्षण
जीविका दीदियां मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, टेडी बियर निर्माण, पेपर थैला और पत्तल-दोना जैसे हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुकी हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के विभिन्न अवसरों से जोड़ा जा रहा है.
उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज पर जोर
आगामी कार्ययोजना के तहत जीविका निधि से ऋण का विस्तार, उत्पादों में वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देकर महिलाओं की आय बढ़ाने तथा मशरूम आधारित आजीविका को टिकाऊ व्यवसाय बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में CLF की भूमिका
अतिथियों ने सीएलएफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अधिकार CLF की भूमिका सराहनीय है.
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
अंत में सभी अतिथियों और जीविका दीदियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया. इसके साथ ही अधिकार जीविका महिला स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आम सभा का समापन हुआ.
