Buxar News: बोल बम के जयघोष करते रवाना हुए कांवरिये, शिव मंदिरों में आज करेंगे जलाभिषेक

श्रावण मास की तीसरी सोमवारी को जलाभिषेक के लिए रविवार को शहर के रामरेखाघाट समेत अन्य गंगा घाटों पर कांवरियों का रेला लग गया

बक्सर. श्रावण मास की तीसरी सोमवारी को जलाभिषेक के लिए रविवार को शहर के रामरेखाघाट समेत अन्य गंगा घाटों पर कांवरियों का रेला लग गया. यहां पहुंचने के साथ ही कांवरिये गंगा में पावन डुबकी लगाए. इसके बाद जल के साथ कांवरियों का जत्था रवाना हो गया. हजारों की तादाद में पहुंचे शिव भक्त यहां के उत्तरायणी गंगा से जल लिए और ब्रह्मपुर के बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर समेत अन्य शिवालयों के लिए विदा हुए. वे सोमवार को जलाभिषेक व पूजन-अर्चन कर भोले बाबा की कृपा की कामना करेंगे. कांवरियों के आने-जाने का सिलसिला दोपहर से शुरू हुआ तो देर रात तक जारी रहा. विभिन्न जगहों से यहां पहुंचे शिव भक्त गंगा में डुबकी लगाए तथा कांवर का पूजन-अर्चन किए. इसके बाद उत्साह के साथ कंधे पर कांवर उठाकर श्रद्धा से बोल बम का जयघोष करते हुए विभिन्न शिवालयों के लिए चल दिए. रामरेखाघाट से देर रात तक हुए रवाना कांविरयों की सबसे ज्यादा भीड़ रामरेखाघाट व श्रीनाथ बाबा घाट पर रही. यहां गंगा जल के लिए बक्सर के अलावा भोजपुर, रोहतास, कैमूर व यूपी के सीमावर्ती जनपदों से शिवभक्त पहुंचे थे. प्रशासन की ओर से विधि-व्यवस्था को लेकर ज्यादा भीड़-भाड़ के संभावना वाले चिन्हित गंगा घाटों व चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जाहिर है कि सावन का पावन महीना भगवान शिव को समर्पित होता है. मान्यता है कि सावन में देवाधिदेव महादेव की उपासना व जलाभिषेक से भक्तों पर भगवान शंकर की कृपा बनी रहती है. कांवरियों के आवागमन से सड़कें रहीं गुलजार गंगा जल के लिए कांवरियों के आवागमन से रेलवे स्टेशन से लेकर जिला मुख्यालय से बाहर जाने वाली तकरीबन हर सड़कें गुलजार हो गई थीं. चाहे बक्सर-आरा राष्ट्रीय राजमार्ग-922 हो अथवा इटाढ़ी रोड या फिर चौसा-मोहनिया व चौसा-कोचस रोड, सभी सड़कों से होकर कांवरियों का जत्था गुजरा. यहां से गंगा जल लेकर कांवरिये ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर के अलावा इटाढ़ी प्रखंड स्थित सोखा धाम, डुमरांव स्थित जंगली नाथ शिव मंदिर तथा रोहतास व कैमूर के कई शिव मंदिरों में गए. केसरिया रंग के लिबास में लिपटे कांवरिया कंधे पर जल लिए बोल बम तथा हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए अपनी-अपनी मंजिलों की ओर बढ़ रहे थे. इसी तरह दानापुर मंडल के स्थानीय स्टेशन पर आने वाली तकरीबन हर ट्रेनों से कांवारियों का जत्था उतरने के बाद सीधे गंगा घाटों पर जा रहा था. सुरक्षा को लेकर घाटों पर रही मुस्तैदी कांवरियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था. इसके तहत घाट पर पुलिस बल के जवानों के अलावा स्थानीय नाविकों व गोताखोरों की ड्यूटी भी लगाई गई थी. यातायाता को सुगम बनाने के लिए चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात थे. एसडीआरफ की टीम गंगा में भ्रमण कर घाटों की निगरानी कर रही थी. विधि-व्यवस्था को लेकर ज्यादा भीड़ वाले गंगा घाटों पर दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था. यहां के रामरेखाघाट व नाथ बाबा घाट के अलावा अन्य गंगा घाट कांवरियों की भीड़ उमड़ गई थी. भीड़ के चलते घाटों पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी. यह नजारा दोपहर से लेकर देर रात तक रहा. शिव भक्तों की भीड़ बढ़ने से दुकानदारों की भी व्यस्तता बढ़ गई थी. वे बिक्री बढ़ने से खुश थे. बक्सर पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजा-पाठ के सामानों व कांवर तथा वस्त्र आदि की खरीदारी कर रहे थे. इसके अलावा खाने-पीने की दुकानों पर भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी.

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