राजस्व कर्मचारियों का इमेल आइडी सार्वजनिक करने का दिया निर्देश
प्रधान सचिव ने निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं अर्द्ध-न्यायिक कार्यों में संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का कड़ाई से पालन किया जाये.
बक्सर. प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सीके अनिल की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गयी. बैठक में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, बक्सर एवं डुमरांव,राजस्व प्रभारी, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल रहे. प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि जिले को राजस्व मामलों में आदर्श जिला के रूप में विकसित करने हेतु सभी स्तरों पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए. समीक्षा के दौरान दाखिल–खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग, भू-लगान, आरओआर, लैंड बैंक, जन शिकायत, राजस्व महा अभियान, राजस्व न्यायालय तथा भू-अर्जन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गयी. सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राजस्व कर्मचारी एवं अमीन की दैनिक डायरी संधारित कराते हुए उनके कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें. साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों का आधिकारिक ई-मेल आईडी तैयार कर उसे सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया गया. प्रधान सचिव ने निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं अर्द्ध-न्यायिक कार्यों में संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का कड़ाई से पालन किया जाये. किसी भी प्रकार का भेदभाव, पक्षपात या चयनात्मक निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा. समान परिस्थितियों में भिन्न निर्णय लिए जाने की स्थिति में उसका स्पष्ट एवं लिखित कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा. सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राजस्व महा अभियान से संबंधित प्रतिवेदन दो दिनों के भीतर अपलोड करना सुनिश्चित करें तथा आधार सीडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करें. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक अंचल स्तर पर लैंड बैंक का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा इससे संबंधित सभी कार्य 15 जनवरी से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं. सरकारी भूमि का डिजिटलीकरण शीघ्र पूर्ण करने तथा यदि किसी स्तर पर बिना सक्षम अनुमति के सरकारी, खास महल अथवा अन्य भूमि की जमाबंदी की गई हो तो उसके निरस्तीकरण का प्रस्ताव अविलंब सक्षम प्राधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित एवं सख्ती से करने का भी निर्देश दिया गया.
भूमिहीन परिवार को दखल दिलाने का दिया निर्देश : प्रधान सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि भूमिहीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से सरकारी भूमि पर दखल दिलाना सभी अंचलाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी. परिमार्जन मामलों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया गया कि सभी परिमार्जन प्रकरणों का निष्पादन अधिकतम 75 दिनों की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाये. सभी अंचलाधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया गया कि एक जनवरी तक लंबित सभी आवेदनों का निष्पादन एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें. इसके अतिरिक्त सभी अंचलाधिकारी अपने-अपने अंचल के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर डीएम को समर्पित करेंगे.
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