बक्सर : बिहार सेंट्रल स्कूल में हिंदी दिवस पर चेतना शिविर, विद्यार्थियों को बताया मातृभाषा का महत्व

Buxar News : बिहार सेंट्रल स्कूल में हिंदी दिवस पर आयोजित चेतना शिविर में विद्यार्थियों को मातृभाषा हिंदी के महत्व, उसकी समृद्ध परंपरा और अस्मिता के बारे में बताया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपनी भाषा के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना था.

Buxar News : शहर के बाईपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल में रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर चेतना शिविर का आयोजन किया गया. इसमें विद्यालय की सातवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध परंपरा और मातृभाषा के प्रति सम्मान की भावना से परिचित कराना था.

हिंदी हमारी अस्मिता और सामाजिक सरोकार की भाषा : सरोज सिंह

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने की. उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी केवल किसी एक दिवस तक सीमित भाषा नहीं है, बल्कि जनमानस के अंत:करण में बसी हुई भाषा है. हिंदी सिर्फ माध्यम की भाषा नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और सामाजिक सरोकार की भाषा है. उन्होंने कहा कि हिंदी की प्रासंगिकता केवल भाषाई दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे संपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है.

'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' का किया उल्लेख

सरोज सिंह ने महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्ति 'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन अपनी भाषा की उन्नति में ही सभी प्रकार की उन्नति का मूल निहित है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा को मां के समान सम्मान और आदर देने का आग्रह किया.

Also Read : रोहतास में बक्से का ताला तोड़ डेढ़ लाख रुपये लेकर पत्नी फरार, पति ने दर्ज करायी प्राथमिकी

हिंदी के विकास के लिए पूर्वाग्रहों को छोड़ना होगा

कार्यक्रम में शिक्षक सुनील सिंह ने कहा कि हिंदी एक ऐसा सेतु है, जो विभिन्न विचारों, परंपराओं और संस्कृतियों को आपस में जोड़ने का कार्य करती है. शिक्षक वरुण कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा के उत्थान के लिए समाज को उन तमाम पूर्वाग्रहों को छोड़ना होगा, जो इसके विकास के मार्ग में बाधक हैं. वहीं, शिक्षक संतोष कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा के प्रति हमारा आग्रह और लगाव वैसा ही होना चाहिए, जैसा एक शिशु का अपनी मां के प्रति होता है.

Also Read : सासाराम: बिक्रमगंज नगर का होगा विस्तार, 27 से बढ़कर कम से कम 35 हो सकते हैं वार्ड

विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति सम्मान का भाव जागृत हुआ

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप प्राचार्य विनय तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया. चेतना शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, गौरव और मातृभाषा को समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी का भाव जागृत हुआ.

Also Read : रोहतास में तीन थानाध्यक्षों का तबादला, चेनारी-बिक्रमगंज और सासाराम मुफस्सिल की बदली जिम्मेदारी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनीष कुमार मिश्रा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >