Buxar Police Action : बक्सर जिले में सड़क हादसे के बाद हाइवे जाम कर प्रदर्शन करना अब लोगों पर भारी पड़ गया है. औद्योगिक थाना क्षेत्र के चुरामनपुर बस स्टॉप के पास युवक की मौत के बाद गुस्साए लोगों द्वारा सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को नामजद करते हुए करीब 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अब सभी आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है.
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
वीडियो फुटेज से हुई पहचान
पुलिस ने इस पूरे मामले में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया है. घटनास्थल पर मौजूद वीडियो और फोटोग्राफी के आधार पर 11 मुख्य आरोपियों की पहचान की गई है. इनमें साहोपारा निवासी राज किशोर पांडेय, प्रतिक पांडेय, धर्मेन्द्र राम, ओमप्रकाश राम, तेज नारायण पांडेय, राकेश पांडेय, अमित पांडेय, कल्लू पांडेय, विमलेश पांडेय, अंकुर पांडेय और चुरामनपुर निवासी अमन कुमार पासवान शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि बाकी अज्ञात लोगों की पहचान भी तेजी से की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा.
हादसे के बाद भड़का था आक्रोश
प्राथमिकी के अनुसार, साहोपारा निवासी फूलचंद पांडेय के 40 वर्षीय पुत्र मुकेश पांडेय की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने 27 जुलाई की रात शव को सड़क के बीच रखकर आरा-बक्सर नेशनल हाईवे (NH-922) को पूरी तरह जाम कर दिया था.
उग्र भीड़ ने दोनों लेन को बंद कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया. देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मुआवजे की मांग पर अड़े रहे लोग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस पदाधिकारी मधुबाला भारती ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे. वे मुआवजे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहे और पुलिस की बात सुनने को तैयार नहीं थे.
स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि बाद में किसी तरह जाम हटवाया गया, लेकिन इस दौरान घंटों तक यातायात बाधित रहा.
सख्त कार्रवाई के संकेत
अब इस मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते को बाधित करना और कानून हाथ में लेना गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी. इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और आगे भी इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी.
