Buxar News : नगर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी भवन में सोमवार को उत्सवी माहौल के बीच लेखक भरत प्रसाद की तीसरी पुस्तक 'सतत खुश रहने का विज्ञान' का भव्य विमोचन किया गया. कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति रही. समारोह की अध्यक्षता भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा के 1998 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अवधेश कुमार ने की.
आनंदपूर्ण जीवन जीने की राह दिखाती है पुस्तक
लेखक भरत प्रसाद ने बताया कि यह पुस्तक लोगों को जीवन के हर पड़ाव पर सकारात्मक सोच के साथ आनंदपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है. पुस्तक में ऐसे व्यावहारिक विचार और सुझाव शामिल किए गए हैं, जिनके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को अधिक संतुलित, सकारात्मक और खुशहाल बना सकता है.
विद्वानों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम का संचालन ट्रिनिटी स्कूल के निदेशक धीरज पांडेय ने किया. इस अवसर पर वर्षा पांडेय, डॉ. महेंद्र प्रसाद, डॉ. वेद प्रकाश राय, रविंद्र सिंह, सरोज सिंह, संजीव ओझा, प्रदीप कुमार ओझा, टीएन चौबे, गणेश उपाध्याय, धनु लाल, शशांक शेखर, सुरेंद्र सिंह सहित लगभग 30 वक्ताओं ने पुस्तक और उसके विषय पर अपने विचार व्यक्त किए.
अवधेश कुमार ने दिए खुशहाल जीवन के सुझाव
समारोह के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने आनंदपूर्ण जीवन जीने के कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए. उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है और जीवन में संतोष का भाव पैदा करती है.
पुस्तक पर फिर होगी विचार गोष्ठी
डॉ. महेंद्र प्रसाद ने सुझाव दिया कि पुस्तक का अध्ययन करने के बाद एक विचार गोष्ठी दोबारा आयोजित की जाए, ताकि इसमें बताए गए मूल मंत्रों पर चर्चा हो सके और अधिक से अधिक लोगों तक पुस्तक का संदेश पहुंचाया जा सके. समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने पुस्तक के विषय और लेखक के प्रयास की सराहना की.
