Buxar News: बक्सर जिले में पिछले दो दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. जलस्तर में अचानक हो रहे इस इजाफे से जिले के तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की धड़कनें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं. हालांकि, जल आयोग के अनुसार नदी का वर्तमान जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु और खतरे के निशान से काफी नीचे है, जिससे फिलहाल बाढ़ का कोई सीधा खतरा नहीं है.
24 घंटे में दर्ज की गई 30 सेंटीमीटर की रिकॉर्ड वृद्धि
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
- 28 जुलाई तक: गंगा का जलस्तर पूरी तरह से स्थिर बना हुआ था.
- 29 जुलाई की रात: अचानक पानी का दबाव बढ़ना शुरू हुआ और जलस्तर 1 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा.
- 30 जुलाई (सुबह 8 बजे): जलस्तर 52.31 मीटर दर्ज किया गया.
- 31 जुलाई (सुबह 8 बजे): जलस्तर बढ़कर 52.61 मीटर पर पहुंच गया.
इस प्रकार महज 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में कुल 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार में उतार-चढ़ाव जारी
केंद्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों के अनुसार, नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम तो जारी है, लेकिन इसकी गति एकसमान नहीं है. शुरुआती दौर में जहां पानी 1 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था, वहीं बीच-बीच में यह गति 1 से 2 सेमी प्रति घंटा तक पहुंची और फिर घटकर 0.50 सेमी प्रति घंटा भी दर्ज की गई.
खतरे के निशान से 7.71 मीटर नीचे बह रही है नदी
प्रशासनिक मानकों के अनुसार बक्सर में गंगा नदी का:
- चेतावनी बिंदु (Warning Level): 59.32 मीटर
- खतरे का निशान (Danger Level): 60.32 मीटर
31 जुलाई के ताजा आंकड़े (52.61 मीटर) के अनुसार गंगा नदी अभी चेतावनी बिंदु से 6.71 मीटर तथा खतरे के निशान से 7.71 मीटर नीचे बह रही है. जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
