बक्सर फाउंडेशन स्कूल के लिए सोमवार का दिन गर्व और गौरव से भरा रहा. विद्यालय के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक एनडीए के माध्यम से भारतीय सेना में चयनित होकर सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार अपने विद्यालय पहुंचे. ट्रेन से उतरने के बाद सीधे विद्यालय पहुंचकर उन्होंने अपने शिक्षकों से मुलाकात की और विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया.
भारतीय सेना की वर्दी में अपने पूर्व छात्र को विद्यालय परिसर में देखकर शिक्षक, विद्यार्थी और पूरा विद्यालय परिवार गर्व से भर उठा. लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक के साथ उनके माता-पिता, मित्र और रिश्तेदार भी विद्यालय पहुंचे और इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने.
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ फाउंडेशन स्कूल के सभी शिक्षकों को दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में उन्हें स्वाध्याय की जो प्रेरणा और आदत मिली, उसने एनडीए की तैयारी में काफी मदद की. उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित स्वाध्याय करने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में कभी हार नहीं मानने की अपील की. उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास और अनुशासन जरूरी है.
अपने विद्यालय में बिताए दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों की बातें विद्यार्थी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उनके मार्गदर्शन और सीख को जीवन में उतारने से सफलता की राह आसान हो जाती है. उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को अद्वितीय बताया.
विद्यालय के प्राचार्य ने लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक को बधाई देते हुए कहा कि मनोज अपने विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं. उन्होंने विद्यालय के हाउस कैप्टन के रूप में अपने हाउस का नेतृत्व भी किया था. प्राचार्य ने कहा कि मनोज में पढ़ाई के साथ मानवीय और नेतृत्व के गुण प्रारंभ से ही विद्यमान थे, जिन्हें उन्होंने परिश्रम और अनुशासन के बल पर और मजबूत किया.
विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा ने भी फोन पर लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
इस दौरान लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक ने विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स से भी मुलाकात की. उन्होंने कैडेट्स को सेना में चयन की तैयारी, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बारे में मार्गदर्शन दिया. अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कैडेट्स को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया.
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सबसे पहले अपने विद्यालय पहुंचना लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक की अपने शिक्षकों और संस्थान के प्रति कृतज्ञता को दर्शाता है. उनके विद्यालय आगमन और अनुभव साझा करने से पूरा फाउंडेशन स्कूल परिवार भावुक और गौरवान्वित हुआ. विद्यालय परिवार ने लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक को उनके उज्ज्वल, सफल और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.
