बक्सर: ठाणे से लापता रेलवे कर्मी की डेढ़ साल बाद हुई पहचान, DNA रिपोर्ट से खुला राज, पिता ने किया श्राद्ध

महाराष्ट्र से लापता रेलवे कर्मचारी विमल कुमार की डेढ़ साल बाद डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि हुई। पिता ने नम आंखों से किया अंतिम संस्कार, पुलिस जांच पर उठाए सवाल।

Buxar News : महाराष्ट्र के ठाणे से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए रेलवे ग्रुप-डी कर्मचारी विमल कुमार के मामले में डेढ़ साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है. डीएनए जांच रिपोर्ट में बक्सर के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र से बरामद नरकंकाल की पहचान विमल कुमार के रूप में हुई है. रिपोर्ट मिलने के बाद मृतक के पिता ने धार्मिक रीति-रिवाज से पुत्र का श्राद्ध कर्म संपन्न किया. वहीं मामले में बरामद मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है.

आठ महीने बाद ऑन हुआ मोबाइल, पुलिस को मिला अहम सुराग

ठाणे पुलिस लापता विमल कुमार के मोबाइल नंबर को लगातार सर्विलांस पर रखे हुए थी. करीब आठ महीने तक बंद रहने के बाद 8 अगस्त 2025 को मोबाइल की लोकेशन बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में मिली. सूचना पर ठाणे पुलिस ने ब्रह्मपुर पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर एक किशोरी के पास से मोबाइल बरामद किया.

पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसे करीब छह महीने पहले बधार में घास काटने के दौरान यह मोबाइल लावारिस अवस्था में मिला था, जिसे उसने अपने पास रख लिया था.

नरकंकाल और मोबाइल मिलने की कड़ियां जुड़ीं

ब्रह्मपुर थाना पुलिस ने इससे पहले एनएच-922 के समीप रामगढ़ गांव के बधार से एक अज्ञात नरकंकाल बरामद किया था. दूसरी ओर, ब्रह्मपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक परमहंस के पुत्र विमल कुमार, जो ठाणे में रेलवे के ग्रुप-डी कर्मचारी थे, अचानक लापता हो गए थे. उनके बहनोई दीपक कुमार प्रसाद ने 11 जनवरी 2026 को ठाणे पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज कराई थी.

जिस स्थान से नरकंकाल मिला था, उसी इलाके से मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई.

DNA रिपोर्ट ने की पहचान की पुष्टि

नरकंकाल की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने डीएनए जांच कराई थी. करीब डेढ़ साल बाद आई रिपोर्ट में नरकंकाल का डीएनए विमल कुमार से मेल खा गया. इसके बाद 28 अगस्त को मृतक के पिता परमहंस ने अपने पैतृक आवास पर पुत्र का अंतिम श्राद्ध कर्म किया.

पिता ने स्थानीय पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

श्राद्ध के बाद मृतक के पिता परमहंस ने ब्रह्मपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है. उनका कहना है कि महाराष्ट्र पुलिस ने बरामद मोबाइल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य लेने के लिए कई बार आग्रह किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी

पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट और बरामद मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमल कुमार ठाणे से ब्रह्मपुर कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस ने जल्द मामले का खुलासा करने का दावा किया है.


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By Santosh Kant

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