Buxar News: बदहाल हुआ पशु अस्पताल किसानों को हो रही परेशानी

प्रखंड मुख्यालय परिसर के बगल में स्थित पशु अस्पताल खंडहर में तब्दील हो गया है. इस अस्पताल को बनाने के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने मांग उठाना शुरू कर दिया है.

राजपुर. प्रखंड मुख्यालय परिसर के बगल में स्थित पशु अस्पताल खंडहर में तब्दील हो गया है.इस अस्पताल को बनाने के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने मांग उठाना शुरू कर दिया है.मुखिया अनिल सिंह,बंशनरायन राम,बालेश्वर राम,चंचला देवी,मीना देवी,सुगंता देवी,हिरामुनी देवी,तेतरी देवी,गंगोत्री देवी ने कहा कि बदलते समय के साथ सभी लोग गांव में भैंस, गाय व बकरी पालन किया है.लेकिन इस अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर एवं कर्मी प्रखंड मुख्यालय के दूसरे विभागों में बैठकर ड्यूटी करते हैं.पशुओं की देखरेख एवं बचाव के लिए भवन व डॉक्टर का होना जरूरी है. ग्रामीणों को जानकारी नहीं होने के अभाव में पशुओं की बीमारी होने पर निजी चिकित्सक से इलाज कराते हैं. ऐसे में पूरा लाभ नहीं मिलने पर ग्रामीणों को भी परेशानी होती है. कभी-कभी तो उचित इलाज के अभाव में पशुओं की मौत होने पर पशुपालक किसानों को आर्थिक क्षति उठाना पड़ता है. किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार पशुपालन पर भी ध्यान दे रही है .जिसके लिए ग्रामीणों को जागरूक कर बकरी पालन ,गाय पालन एवं भैंस पालन कर डेयरी उद्योग स्थापित करने की बात की जाती है. जागरूकता के कारण सभी गांव में पशु पालक किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. क्षेत्रीय स्तर पर सुधा डेयरी फार्म के अलावा कई डेयरी फार्म भी खुल चुके हैं. किसान जमा पूंजी लगाकर पशु पालन भी करते हैं. पशुओं का उचित देखभाल नहीं होने से किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है . अधिकतर किसान अधिक दूध देने वाली प्रजाति की गाय एवं भैंसों की खरीद कर डेयरी उद्योग में दूध देते हैं. इन पशुओं को समय पर उचित जांच एवं इलाज नहीं होने से बीमारी पकड़ में नहीं आती है. विदित हो कि विगत दस वर्ष पूर्व पशु अस्पताल का निर्माण किसी ठेकेदार के द्वारा कराया गया है. जिसका काम आधा अधूरा है. पहले से मौजूद भवन खंडहर में तब्दील हो गया है.किसानों ने मांग किया कि खंडहर में तब्दील अस्पताल का जीर्णोद्धार कराकर यहां पशुओं की देखभाल करने के लिए व्यवस्था होना चाहिए.अगर यहां नियमित डॉक्टर मौजूद रहे तो निश्चित तौर पर पशुपालक किसानों को परेशानी नहीं होगी. बदलते मौसम के साथ पशुओं पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.असमय कभी भी पशुओ में कई प्रकार की बीमारी होने का डर रहता है.फिलहाल कई बीमारियों की चपेट में आने से हर जगह दुधारू पशुओं की भी मौत हो जा रही है.विगत दिनों लंपि बीमारी की चपेट में आने से लगभग दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >