Buxar News : बक्सर जिला के चौसा प्रखंड के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन 1320 मेगावाट चौसा थर्मल पावर परियोजना की लेबर कॉलोनी में सोमवार को एक इलेक्ट्रिशियन मजदूर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई. मृतक की पहचान अरवल जिले के इब्राहिमपुर गांव निवासी 50 वर्षीय रामप्यारे चौधरी के रूप में हुई है. वह खुशी कंस्ट्रक्शन के तहत पिछले तीन वर्षों से परियोजना में इलेक्ट्रिशियन का काम कर रहे थे.
सुबह कमरे से नहीं निकले तो खिड़की से झांककर देखा
जानकारी के अनुसार रविवार रात रामप्यारे ने साथी मजदूरों के साथ खाना खाया और इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गए. सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर साथियों को शक हुआ. खिड़की से झांककर देखने पर रामप्यारे कमरे के अंदर बेजान पड़े मिले. इसके बाद घटना की सूचना कॉलोनी गार्ड और राजपुर थाना पुलिस को दी गई.
हाथ के पास मिली दवाइयां, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की तलाशी ली. इस दौरान मृतक के दाहिने हाथ के पास कुछ दवाइयों की गोलियां मिलीं. आशंका जतायी जा रही है कि रात में तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने दवा लेने का प्रयास किया होगा. हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर भेज दिया.
परिजनों के लिए कंपनी ने तत्काल भेजे 50 हजार रुपये
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन अरवल से चौसा के लिए रवाना हो गये. साथी मजदूरों ने बताया कि रामप्यारे मेहनती और नियमित रूप से काम करने वाले व्यक्ति थे. उनकी अचानक मौत से लेबर कॉलोनी में शोक का माहौल है. खुशी कंस्ट्रक्शन की ओर से तत्काल सहायता के तौर पर दाह संस्कार के लिए मृतक की बेटी के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किये गये हैं.
मुआवजे को लेकर एल एंड टी के साथ होगी बैठक
मजदूरों और यूनियन ने कंपनी प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. यूनियन के अनुसार शेष मुआवजे को लेकर मंगलवार को एल एंड टी के साथ बैठक की जाएगी. इसमें सभी श्रमिकों से भी सलाह ली जाएगी. यूनियन ने श्रमिक हित में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है.
