बक्सर: डुमरांव को मिली हाईटेक शिक्षा की सौगात, मॉडल स्कूल में अब AI, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब से होगी पढ़ाई

बक्सर जिले के डुमरांव को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है. राज प्लस टू उच्च विद्यालय में सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का शुभारंभ हुआ है, जो AI, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इससे ग्रामीण छात्रों को शहर जैसा शैक्षणिक माहौल मिलेगा.

Dumraon Model School : बक्सर जिले के डुमरांव को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है. रविवार को राज प्लस टू उच्च विद्यालय में सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का भव्य शुभारंभ किया गया. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यालय का उद्घाटन किया. वहीं विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) श्रीमती अनन्या ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर मॉडल स्कूल का विधिवत शुभारंभ किया.

हर प्रखंड में बनेगा एक हाईटेक मॉडल स्कूल. छात्रों को मिलेगी नई पहचान

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग कुमार मिश्रा ने की. इस दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार, एडीपीओ शशिभूषण, जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार प्रत्येक प्रखंड में एक-एक सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) विकसित कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें.

AI, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर

मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, एनसीसी, आरओ शुद्ध पेयजल, ऑडियो-वीडियो आधारित शिक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित लर्निंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके साथ ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाएगा. मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति सहित विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ भी मिलेगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा मिलेगी.

ग्रामीण छात्रों को मिलेगा शहर जैसा शैक्षणिक माहौल

अधिकारियों ने कहा कि मॉडल स्कूल योजना का उद्देश्य केवल बेहतर भवन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे.

इनकी रही मौजूदगी

कार्यक्रम में डॉ. संजय रंजन सिन्हा, अभिमन्यु प्रताप सिंह, राजेश कुमार, के.बी. प्रसाद, डॉ. अभय पांडेय, मुकेश नेगी, प्रीति, लक्ष्मी, उमेश कुमार, संतोष उपाध्याय, रीना सिंह, प्रमोद कुमार, राजीव रंजन तिवारी, सीमा, नफीसा नाज, डॉ. कविता कुमारी, कृष्णकांत सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.


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लेखक के बारे में

Author: Sujeet Kumar

Published by: Vivek Singh

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