बक्सर के अक्षत ने NEET में किया कमाल, ऑल इंडिया 99.3486 पर्सेंटाइल लाकर बढ़ाया डुमरांव मान

डुमरांव के अक्षत कुमार ने NEET परीक्षा में 12,833वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है. ऑनलाइन तैयारी और सीमित संसाधनों से की गई इस सफलता ने पूरे जिले को गौरवान्वित किया है. जानें कैसे उन्होंने यह मुकाम हासिल किया.

Buxar Akshat NEET Success : बक्सर जिले के डुमरांव निवासी 19 वर्षीय अक्षत कुमार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 12,833 हासिल की है. ओबीसी वर्ग में उन्हें 5,888वीं रैंक और 99.3486 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है.

Buxar News : ऑनलाइन तैयारी से हासिल की बड़ी सफलता

अक्षत कुमार की सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने किसी बड़े शहर या महंगी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. डुमरांव में रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की. उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि अनुशासन, स्पष्ट लक्ष्य और लगातार मेहनत से बड़ी मंजिल पाई जा सकती है.

शिक्षक पिता और गृहिणी मां ने दिया पूरा सहयोग

अक्षत के पिता सुरेंद्र मेहरा मठिला के एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां कुमारी अंजू गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई में सहयोग किया. अक्षत अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों को देते हैं.

डुमरांव से पूरी की स्कूली पढ़ाई

अक्षत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डुमरांव के कैम्ब्रिज स्कूल से प्राप्त की. दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई भी उन्होंने इसी विद्यालय से पूरी की. उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन का मार्गदर्शन उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा.

डॉ. राजेश सिंह से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा

अक्षत बताते हैं कि डुमरांव के चिकित्सक डॉ. राजेश सिंह की सेवा भावना और मरीजों के प्रति समर्पण ने उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया. उसी प्रेरणा को लक्ष्य बनाकर उन्होंने लगातार मेहनत की और NEET में सफलता हासिल की.

गरीबों के लिए अस्पताल खोलना है सपना

अक्षत का सपना केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि भविष्य में एक ऐसा आधुनिक अस्पताल स्थापित करना है, जहां गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम लागत में बेहतर इलाज मिल सके. उनका मानना है कि चिकित्सा सेवा समाज की सबसे बड़ी सेवा है.

युवाओं के लिए बने मिसाल

अक्षत के परिवार में एक भाई और एक बहन हैं. उनकी बहन बीएड की पढ़ाई कर रही हैं. बेटे की सफलता से माता-पिता बेहद उत्साहित हैं. अक्षत की उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं. उन्होंने साबित किया कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण हैं.


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By Sujeet Kumar

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