buxar news : विकास बनाम बदलाव पर हो रही चुनावी चर्चा, पुराने मुद्दे भी हो रहे हावी

buxar news : ऐतिहासिक सूर्य मंदिर उपेक्षित, उठ रही पर्यटन स्थल का दर्जा देने की मांग

राजपुर. बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद सभी दलों के प्रत्याशी अपने-अपने हिसाब से चुनावी मैदान में ताल ठोकने के लिए तैयार हैं.

एनडीए गठबंधन से संतोष कुमार निराला के नाम की चर्चा हो रही है. इसी गठबंधन के आरएलएम के सक्रिय कार्यकर्ता सुकुल राम की भी चर्चा तेज है. महागठबंधन की तरफ से वर्तमान विधायक विश्वनाथ राम कांग्रेस से हैं. इस बार ये भी पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि एक बार फिर जनता का जन समर्थन मिलेगा. इसके लिए अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों में होने वाले कार्यों की समीक्षा के बाद लोगों को जानकारी दे रहे हैं कि हमने बहुत काम किया है. वहीं संतोष कुमार निराला का दावा है कि वह विधायक नहीं रहते हुए भी क्षेत्र का काफी काम किये हैं. महागठबंधन बिहार में बदलाव को लेकर शिक्षा और रोजगार, ग्रामीण व्यवस्था की सुधार एवं कई अन्य मुद्दों को लेकर हावी है. युवाओं के लिए एलान कर दिया है कि बिहार से पलायन नहीं होगा.

छात्रों को पढ़ाई के लिए अब राजस्थान या अन्य जगहों पर नहीं जाना होगा. पिछले कई वर्षों से गांव-गांव तक घूम कर लोगों को जगाने वाले बसपा के प्रत्याशी लालजी राम भी चुनाव मैदान में हैं. इन्होंने सिंचाई, युवाओं की पढ़ाई एवं कई अन्य मुद्दों को लेकर लोगों से अपने पक्ष में समर्थन की अपील की है. इन सबके के बीच जन सुराज ने एक बड़ी अड़चन पैदा कर दी है. प्रशांत किशोर की हुई सभा के बाद युवाओं में एक अलग ही बदलाव की बयार है. युवाओं का मानना है कि पिछले 45 सालों में बिहार के युवाओं की तकदीर नहीं बदली है. यहां के युवा मौसमी बेरोजगारी की मार झेलते हैं. मौसम में काम के बाद उन्हें रोजगार की तलाश के लिए गुजरात, मुंबई, सूरत, दिल्ली, कोलकाता एवं अन्य शहरों में जाना पड़ रहा है. सभी सरकार ने अपने-अपने हिसाब से काम तो किया, लेकिन इस बार अपने बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा एवं रोजगार के लिए मतदान करेंगे, जिसका असर युवाओं में काफी दिख रहा है. हर गांव के चौक-चौराहे पर युवाओं में इसकी खूब चर्चा हो रही है.

युवाओं ने कहा-पिछड़ेपन का दिख रहा असर

इस क्षेत्र के पढ़ने वाले युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उनके करीबी मंत्री कई बार क्षेत्र में आकर विकास की लकीर खींचने की बात कही. फिर भी पिछड़ापन दिखायी दे रहा है. 19 पंचायत वाले राजपुर प्रखंड की लगभग 10 पंचायतें ऐसी हैं, जो प्रखंड मुख्यालय से लगभग 20-25 किलोमीटर की दूरी पर है. इसके लिए कई वर्षों से धनसोई को प्रखंड बनाने की मांग हो रही है. आज तक पूरी नहीं हुई. वहीं पश्चिमी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक सूर्य मंदिर अपनी उपेक्षा का शिकार है. कई बार कला एवं संस्कृति विभाग से पर्यटन स्थल का दर्जा देने की मांग उठायी गयी, जिस पर पहल करते हुए अधिकारियों ने भले ही इसकी सूची सरकार को उपलब्ध करा दी हो, लेकिन अब तक यह पर्यटन स्थल नहीं बना है.

छठ आते ही पर्यटन स्थल की हो रही मांग

इस बार विधानसभा चुनाव की घोषणा छठ पूजा से पहले हो जाने से इसकी चर्चा काफी तेज हो गयी है. सूर्य मंदिर पर फिर हजारों की संख्या में लोगों का जमावड़ा होगा और वही बात शुरू होगी. छठ के बाद नयी सरकार बनेगी. लोगों को उम्मीद है कि इस छठ के मौके पर आने वाले लोग मांग व्यक्त करेंगे कि इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाये. इस क्षेत्र के शिक्षक धनंजय मिश्र, समाजसेवी दयानंद मौर्य, रामनिवास सिंह, मुरारी सिंह, वैद्यनाथ सिंह, शिक्षक राकेश तिवारी के अलावा अन्य लोगों ने कहा कि इस मंदिर को राज्य सहित देश के अन्य धरोहरों के साथ शामिल करने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >