बिहार में बढ़ी साइबर ठगी: ईओ का व्हाट्सएप हैक, रिश्तेदारों से ठगे पैसे

Cyber crime: बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव की है. जहां नगर परिषद डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे से जुड़ा है. जिनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर अपराधियों ने उनके परिचितों से पैसे ठग लिए है. जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:25 बजे उनका मोबाइल हैक कर लिया गया था. उनके व्हाट्सएप से जुड़े लोगों और रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर बारकोड के माध्यम से भुगतान करने को कहा जाता है. कई रिश्तेदारों ने पैसे भए भेज दिए. लोगों ने कहा पुलिस थाने में FIR दर्ज करने के लिए थाने में भी सिफारिश लगानी पड़ती हैं.

Cyber crime: घटना बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव की है. जहां साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब आम लोगों के साथ-साथ खास लोग भी ठगों के निशाने पर आ रहे हैं.

ताजा मामला नगर परिषद डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे से जुड़ा है. जिनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर अपराधियों ने उनके परिचितों से पैसे ठग लिए है. जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:25 बजे उनका मोबाइल हैक कर लिया गया. इसके बाद हैकर ने उनके व्हाट्सएप से जुड़े लोगों को मैसेज भेजकर पैसे की मांग की और बारकोड के माध्यम से भुगतान करने को कहा.

ईओ के नाम पर रिश्तेदारों से साइबर अपराधी ने ठगें पैसे

कई लोगों ने बिना पुष्टि किए पैसे भेज दिए, जिससे कुल मिलाकर करीब 1 लाख 10 हजार रुपये की ठगी हो गई. पीड़ित अधिकारी ने बताया कि साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के बाद दोपहर करीब 2 बजे उनका मोबाइल दोबारा सुरक्षित हो सका.

बिहार में कई अधिकारी और खास लोग साइबर अपराधी के रडार पर


यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी राज हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य अनुराग मिश्रा समेत कई शिक्षक भी साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. बावजूद इसके, ऐसे मामलों में ठोस कार्रवाई और नतीजे अब तक नहीं लिए गए हैं.

साइबर थाना में सिफ़ारिश पर होता है FIR दर्ज

पीड़ितों का कहना है कि साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराना आसान नहीं है. कई बार सिफारिश की जरूरत पड़ती है या फिर बार-बार थाने का चक्कर लगाना पड़ता है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब साइबर थानों में तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं, तो फिर अधिकांश मामले लंबित क्यों हैं. साइबर अपराधियों की बढ़ती सक्रियता और पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली चिंता का विषय बनता जा रही है.

समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. अब आवश्यकता है कि साइबर पुलिस केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर भी सक्रियता दिखाए, ताकि लोगों का भरोसा पुलिस पर बना रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vivek Singh

Vivek Singh : विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म The Newsdharma के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है. इसके साथ ही वे NGO Amar Shaheed Bipin Singh Foundation से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >