शिलान्यास के 10 माह बाद भी नहीं शुरू हुआ प्रखंड व अंचल कार्यालय का निमार्ण कार्य

15 फरवरी को बक्सर प्रगति यात्रा के दौरान पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने जिले के पांच प्रखंड कार्यालय सह अंचल कार्यालय का शिलान्यास किया था.

बक्सर. 15 फरवरी को बक्सर प्रगति यात्रा के दौरान पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने जिले के पांच प्रखंड कार्यालय सह अंचल कार्यालय का शिलान्यास किया था. मगर 10 माह बीत जाने के बाद अभी तक काम शुरु नहीं हुआ. जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड में नये भवन का निर्माण के लिए 16 करोड़ 62 लाख 10 हजार, प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन सिमरी 16 करोड़ 62 हजार 10 लाख, प्रखंड सह अंचल कार्यालय चौसा 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार,प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन चौगाई 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार, प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन केसठ 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार के लागत से बनाया जाना था. मगर स्थिति चिंताजनक हैं. पांच में से केसठ अंचल कार्यालय भवन के लिए अभी तक भूमि आवंटन नहीं हुआ है. बक्सर और सिमरी अंचल कार्यालय के भवन निर्माण को लेकर टेंडर फाइनल हो गया है. जबकि चौसा और चौंगाईं अंचल कार्यालय भवन की प्रक्रियाधीन चल रही है.

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा जिले के कुल पांच प्रखंड बक्सर सदर, सिमरी, चौसा, चौगाई और केसठ में नये प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का शिलान्यास किया गया था. इन भवनों के निर्माण से जहां एक ओर प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आने की उम्मीद जतायी गयी थी, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों और आम लोगों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था. लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि योजनाएं कागजों में आगे बढ़ती दिख रही हैं, जबकि जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया है.सबसे अधिक समस्या केसठ प्रखंड में सामने आयी है, जहां अब तक भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन ही नहीं हो पाया है. भूमि चयन और आवंटन की प्रक्रिया में देरी के कारण इस प्रखंड में निर्माण कार्य की शुरुआत की कोई ठोस समय-सीमा भी तय नहीं हो सकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि को लेकर विभागीय समन्वय की कमी और स्पष्ट निर्णय के अभाव में मामला लंबे समय से अटका हुआ है. अन्य प्रखंडों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं कही जा सकती.

जानकारी के मुताबिक पांच में से केवल दो प्रखंडों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पायी है और टेंडर फाइनल किये जा चुके हैं, लेकिन वहां भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है. शेष दो प्रखंडों में टेंडर प्रक्रिया अभी अधूरी है और संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताओं का हवाला दिया जा रहा है. टेंडर प्रक्रिया में विलंब के कारण निर्माण एजेंसियों का चयन नहीं हो सका है, जिससे काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. मुख्यमंत्री के स्तर से शिलान्यास के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी थी कि जल्द ही नये भवनों का निर्माण शुरू होगा और पुराने जर्जर भवनों से निजात मिलेगी. वर्तमान में कई प्रखंड और अंचल कार्यालय पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां स्थान की कमी, बैठने की व्यवस्था, रिकॉर्ड रखने की समस्या और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. नये भवन बनने से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आने की बात कही गयी थी.

बोले अधिकारी

अभी एक केसठ प्रखंड का निर्माण के लिए भूमि का चयन नहीं हुआ है. दो का टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लिया गया है और दो का टेंडर प्रक्रियाधीन है जल्द से काम शुरू किया जायेगा.

रूपेश कुमार, कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण, बक्सर

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Published by: Alok kumar

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