बंगला घाट का स्थानीय लोगों ने शुरू की सफाई, छठव्रतियों ने किया घाट को आरक्षित

नगर के गंगा घाटों की छठ को लेकर प्रशासनिक व नगर परिषद के स्तर से केवल पक्के घाटों की सफाई शुरू कराई गई है.

बक्सर.

नगर के गंगा घाटों की छठ को लेकर प्रशासनिक व नगर परिषद के स्तर से केवल पक्के घाटों की सफाई शुरू कराई गई है. जबकि शहर में कुल 32 घाट छठ को लेकर चयन किया गया है. इस क्रम मे नगर परिषद केवल पक्की घाटों से गंगा के बाढ़ का गाद व सिल्ट हटाने का कार्य छठ की सफाई के नाम पर शुरू किया है. जिसके कारण स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर नगर के कच्चे घाटों की सफाई शुरू कर दिया है. जिससे छठ व्रतियों को स्वच्छ पूजा स्थल उपलब्द्ध कराया जा सके. नगर के बंगला घाट पर अभी नगर परिषद का सफाई कर्मी नहीं पहुंच पाये है. वहीं स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की लचर सफाई व्यवस्था की बजाय श्रमदान के माध्यम से प्रतिदिन नगर के घाटों को स्वच्छ बनाने में लग गये है. जिसका असर भी बंगला घाट पर दिख रहा है. बंगला घाट की सफाई लोगों ने कर दिया है. इसके साथ ही छठ पर्व करने को लेकर आवश्यकतानुसार अपना जगह भी आरक्षित कर लिया है. वहीं घाट पर जाने के रास्ते पर मैरिन ड्राइव बना हुआ है. जिसके नीचे से घाट पर पहुंचने का रास्ता है. मैरिन ड्राइव को पार करने के लिए कोई जगह नहीं है. जिसके कारण मैरिन ड्राइव के नीचे से होकर ही घाट पर जाना है. जहा छठ कें प्रसाद का दउरा लेकर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

गंगा के सिल्ट के कारण रास्ता प्रभावित :

गंगा में आई बाढ़ के कारण नगर से बंगला घाट पर गंगा नदी में जाने का रास्ता काफी संकीर्ण है. मैरिन ड्राइव के नीचे से घाट पर पहुंचना है. वहीं गंगा में बाढ़ के कारण मैरिन ड्राइव के नीचे काफी सिल्ट जमा हो गया है. जिससे घाट पर जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसको देखते हुए स्थानीय लोगों ने मैरिन ड्राइव के नीचे का सिल्ट श्रमदान कर काफी हद तक हटाकर घाट पर जाने के लिए रास्ता बनाया है.

घाट पर बह रहा है घरों का नाला का पानी :

बंगला घाट पर नगर के गंदा नाला का पानी बह रहा है. जिससे छठ व्रतियों को परेशानी हो सकती है. गंगा के सिल्ट के कारण नाला काफी गहरा हो गया है. वहीं बालूनुमा सिल्ट होने के कारण धुलाकर और भी गहरा हो रहा है. जिसमें गिरने की संभावना काफी बढ़ गयी है. यह नाला घाट के बीचों बीच बह रहा है. इसके साथ ही गंगा के गिरते जलस्तर के कारण गंगा घाट भी दलदल हो गया है. जहां गंगा में प्रवेश करने पर तथा पूरा के लिए तट पर पहुंंचने में परेशानी होगी. इसके साथ ही नगर परिषद की सफाई व्यवस्था घाट पर नहीं पहुंची है. जबकि घाट को व्रतियों के परिजनों द्वारा चकाचक बना दिया गया है.

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