चक्की सीएचसी में सफाई व्यवस्था पर सवाल, पांच कर्मियों के काम करने के बावजूद रजिस्टर में नौ की हाजिरी

Buxar News : डुमरांव के चक्की सीएचसी में सफाई व्यवस्था में अनियमितता का मामला सामने आया है. पांच सफाईकर्मियों के कार्यरत होने के बावजूद नौ की हाजिरी और बिना काम के भुगतान का आरोप लग रहा है. पीएफ कटौती पर भी सवाल उठाए गए हैं.

Buxar News : डुमरांव के चक्की प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सफाई व्यवस्था को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है. अस्पताल में पांच सफाईकर्मियों के कार्यरत होने की बात सामने आ रही है, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में नौ सफाईकर्मियों के नाम दर्ज होने का दावा किया जा रहा है. आरोप है कि नियमित हाजिरी बनाने वाले चार सफाईकर्मियों को अस्पताल परिसर में काम करते किसी ने नहीं देखा है. ऐसे में बिना काम किए उनके नाम पर भुगतान किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

चार अतिरिक्त नामों पर हाजिरी को लेकर उठे सवाल

अस्पताल में देवंती देवी, कुसुम देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी और चंद्रशेखर चौधरी के सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत होने की जानकारी दी गई है. वहीं उपस्थिति रजिस्टर में सविता देवी, संतोष नंद जी, रीता देवी और मंजू देवी के नाम भी दर्ज बताए जा रहे हैं. कार्यरत सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्होंने इन चारों को अस्पताल में काम करते कभी नहीं देखा है. ऐसे में अतिरिक्त नामों पर बन रही हाजिरी और उनके नाम पर भुगतान की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है.

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133 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलने का दावा

सफाईकर्मियों का कहना है कि करीब दो वर्षों से उन्हें प्रतिदिन 133 रुपये के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है. उनका आरोप है कि इतनी कम मजदूरी में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है. सफाईकर्मियों ने मजदूरी की राशि को लेकर भी नाराजगी जतायी है.

पीएफ कटौती को लेकर भी कर्मियों ने उठाये सवाल

चंद्रशेखर चौधरी और कुसुम देवी ने बताया कि करीब चार हजार रुपये के मासिक भुगतान में से 1787 रुपये पीएफ के नाम पर काटे जाते हैं. उनका कहना है कि करीब दो वर्षों से पीएफ की कटौती होने के बावजूद उनके खातों में अब तक केवल आठ महीने की पीएफ राशि ही दिखाई दे रही है. शेष राशि कहां जमा हो रही है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है.

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सिविल सर्जन बोले- एजेंसी के माध्यम से आते हैं सफाईकर्मी

मामले में बक्सर के सिविल सर्जन डॉ. शिवप्रसाद चक्रवर्ती ने कहा कि सफाईकर्मी एजेंसी के माध्यम से आते हैं, इसलिए उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि कम से कम प्रतिदिन 300 रुपये से कम मजदूरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने मामले में चक्की सीएचसी के स्वास्थ्य प्रभारी से जानकारी लेने की बात कही.

स्वास्थ्य पदाधिकारी से नहीं हो सका संपर्क

चक्की सीएचसी के स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. अंजनी कुमार से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इस कारण मामले में उनका पक्ष नहीं मिल सका.

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By सुजीत कुमार ओझा

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