बक्सर: चौसा टेराकोटा और भोजपुरी चित्रकला पर कार्यशाला का आयोजन, डीएम बोलीं- क्यों न बिहार की पहचान बने भोजपुरी आर्ट?

बक्सर में बच्चों को बिहार की समृद्ध लोक कला से जोड़ने के लिए चौसा टेराकोटा और भोजपुरी चित्रकला पर छः दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है. इस कार्यशाला में बच्चों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी कलात्मक प्रतिभा को निखार सकें.

Buxar Art Workshop: बक्सर में कला एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में बच्चों को बिहार की समृद्ध लोक एवं पारंपरिक कला से परिचित कराने तथा उनके कला-कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से चौसा टेराकोटा कला एवं भोजपुरी चित्रकला पर छ: दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

कार्यशाला में दिया गया नि:शुल्क प्रशिक्षण

कार्यशाला के अंतर्गत बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. इस कार्यशाला में बच्चों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात प्रशिक्षकों व कलाकारों द्वारा चौसा टेराकोटा कला एवं भोजपुरी चित्रकला की बारीकियों, तकनीकों एवं पारंपरिक शिल्प से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कार्यशाला का उद्घाटन डीएम साहिला एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी द्वारा किया गया.

कार्यशाला में बच्चों से बात करती डीएम

भोजपुरी कला एवं विरासत को बढ़ाने पर जोर

इस पहल का उद्देश्य बच्चों में स्थानीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि एवं जागरूकता विकसित करना, पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना तथा प्रतिभावान बच्चों को उचित मंच एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है. वहीं डीएम ने कहा कि क्योंकि हम भोजपुरी आर्ट बना सकते हैं तो क्यों न बिहार को भोजपुरी आर्ट से जाना जाए. जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक नारायण वत्स , डिसीएलार अमीत कुमार, ज़िला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी बक्सर, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष शामिल रहे.

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By Prabhat khabar news desk

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