बक्सर में भीषण जाम का कहर, NH-922 पर यातायात व्यवस्था ठप, घंटों परेशान रहे लोग

Buxar News: बक्सर में पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर भीषण जाम से यातायात व्यवस्था चरमरा गई. गोलंबर से दलसागर तक करीब 8 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई. जाम में एंबुलेंस, यात्री वाहन और मालवाहक ट्रक फंसे रहे, जबकि ट्रैफिक विभाग हालात संभालने में बेबस नजर आया.

Buxar News:(आशुतोष कुमार सिंह) बक्सर नगर के गोलंबर से लेकर पटना-बक्सर फोरलेन तक मंगलवार को भीषण जाम की स्थिति बनी रही. वीर कुंवर सिंह सेतु के रास्ते उत्तर प्रदेश जाने वाले वाहनों की रफ्तार अत्यंत धीमी होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. दोपहिया वाहनों से लेकर भारी मालवाहक ट्रकों तक का आवागमन बाधित रहा. जाम की समस्या इतनी गंभीर हो गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ नगर क्षेत्र में भी यातायात लगभग ठप हो गया. गोलंबर से बाईपास रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. ट्रैफिक पुलिस के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे, लेकिन भारी दबाव के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में असहाय नजर आए। वाहन रुक-रुक कर आगे बढ़ रहे थे, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी.

गोलंबर से दलसागर तक 8 किलोमीटर लंबी कतार

जानकारी के अनुसार, बक्सर-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर गोलंबर से दलसागर तक करीब 8 किलोमीटर की दूरी में ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन तीन-तीन लेन में खड़े रहे. विशेष रूप से बालू लदे ट्रेलरों की लंबी कतारों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया. हालात ऐसे थे कि कई वाहन घंटों तक एक ही स्थान पर फंसे रहे. कुछ चालक अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर चाय-पानी के लिए निकल गए. लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण जाम समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा था.

गोलंबर टर्निंग प्वाइंट पर निकलने का प्रयास करता बस चालक

रॉन्ग साइड और डिवाइडर पार कर रहे वाहन, बढ़ा हादसे का खतरा

जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक रॉन्ग साइड से वाहन चलाते नजर आए, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई. वहीं, ई-रिक्शा और ऑटो चालक समय बचाने के लिए डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में प्रवेश करते देखे गए. गोलंबर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

एंबुलेंस भी फंसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

जाम का असर केवल मालवाहक और निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहा. एंबुलेंस और यात्री वाहन भी घंटों तक जाम में फंसे रहे. इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा. चौसा और अन्य मार्गों से आने वाले वाहनों की भी लंबी कतारें लग गईं. ट्रक और ट्रेलर चालकों के बीच पहले निकलने की होड़ ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया.

ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और ट्रैफिक विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वीर कुंवर सिंह सेतु उत्तर प्रदेश में प्रवेश का प्रमुख मार्ग है, जहां प्रतिदिन भारी वाहनों का दबाव रहता है। इसके बावजूद यातायात नियंत्रण और जाम प्रबंधन को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. नागरिकों ने जाम की समस्या के स्थायी समाधान और ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने की मांग की है.

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Published by: Raginisharma

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