Buxar News: (आशुतोष कुमार सिंह) अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर बक्सर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल समेत जिले के कई अस्पताल अब तक फायर एनओसी प्राप्त नहीं कर सके हैं. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. समयसीमा पूरी होने के बाद ऐसे संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी.
मुजफ्फरपुर घटना के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में मुजफ्फरपुर में अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. उस घटना में अग्नि सुरक्षा के अभाव में कई मरीजों की जान चली गई थी. इसी को देखते हुए अब बक्सर में भी अस्पतालों और अन्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है.
सदर अस्पताल में भी नहीं है एनओसी
जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल भी अब तक फायर एनओसी प्राप्त नहीं कर सका है. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में आग लगने पर मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से जोखिम और बढ़ गया है.
निरीक्षण में सामने आई स्थिति
जानकारी के अनुसार बक्सर अनुमंडल में जनवरी 2026 तक कुल 24 सरकारी और निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया. इनमें से 18 अस्पतालों को अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी प्रदान किया गया है, जबकि शेष अस्पतालों की प्रक्रिया अभी जारी है.
सरकारी अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक
बक्सर अनुमंडल के आठ सरकारी अस्पतालों में से केवल दो को ही अब तक फायर एनओसी मिल पाया है. बाकी छह अस्पताल अब भी इस मामले में पीछे हैं. सदर अस्पताल का नाम भी उन्हीं संस्थानों में शामिल है, जिन्होंने अब तक आवश्यक मानकों को पूरा नहीं किया है.
अंतिम चेतावनी जारी
फायर अधिकारी सत्यदेव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित अस्पतालों को सुझाव के साथ नोटिस भेजा जा चुका है। अब एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में अस्पताल प्रबंधन आवश्यक कदम नहीं उठाता है तो नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी.
होटलों पर भी नजर, सख्त कार्रवाई तय
अग्निशमन विभाग अस्पतालों के साथ-साथ होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों की भी जांच कर रहा है. विभाग ने साफ कहा है कि अग्नि सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा को सर्वोपरि बताया गया
विभाग का कहना है कि मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है. आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए बिना किसी भी अस्पताल या संस्थान को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रशासन अब उन संस्थानों पर विशेष नजर रखे हुए है, जिन्होंने अब तक फायर एनओसी नहीं लिया है. इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जिले में और भी सख्ती देखने को मिलेगी.
