बाढ़ और सुखाड़ को लेकर प्रशासन सतर्क, राहत-बचाव व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

Buxar News: बक्सर में बाढ़ और सुखाड़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिले के प्रभारी सचिव अजय यादव ने समीक्षा बैठक में नाव सत्यापन, राहत दलों की सूची, नालों की सफाई और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए.


Buxar News (प्रशांत कुमार राय): बिहार सरकार के ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एवं बक्सर के प्रभारी सचिव अजय यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में बाढ़ एवं सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.

पिछले पांच वर्षों की समीक्षा की गई

बैठक में पिछले पांच वर्षों के वर्षापात की समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 में वर्षा का विचलन माइनस 1.74 प्रतिशत रहा था. इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग बाढ़ और सुखाड़ दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करें.

उन्होंने जिले के सभी घाटों पर उपलब्ध नावों का पूर्व सत्यापन कराने का निर्देश दिया ताकि नावों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने पाए. संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर इसकी निगरानी करने को कहा गया.

टीम की सूची अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश

बैठक में प्रशिक्षित गोताखोरों, खोज एवं बचाव दल, राहत दल तथा पशुओं के बचाव के लिए गठित मेडिकल टीम की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार कर सभी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही इन सूचनाओं को व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने को कहा गया, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.

लाइफ जैकेट का सत्यापन कराने का निर्देश

प्रभारी सचिव ने संचार योजना सभी अधिकारियों तक पहुंचाने तथा जिले में उपलब्ध महाजाल और लाइफ जैकेट का सत्यापन कराने का निर्देश दिया. वहीं नैनीजोर बांध पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा कराए जा रहे कार्यों को समय पर पूरा करने को कहा गया.

पशुपालन विभाग द्वारा गठित मोबाइल टीम के हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा सभी विभागों को आईईसी सामग्री के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग को 15 जून से पहले सभी वेंट (जल निकासी संरचनाओं) की समुचित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया.

सफाई की जांच के लिए टीम गठित करने का निर्देश

नगर परिषद द्वारा कराई गई नालों की सफाई की जांच के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया गया. वहीं लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सभी स्वचालित पशु नादों को शीघ्र चालू कराने को कहा गया.

बैठक में हीट वेव, अगलगी एवं वज्रपात से मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सिविल सर्जन को रात में चिकित्सकों की उपलब्धता तथा सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया.

अंत में प्रभारी सचिव ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप तैयारी पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में रिस्पांस टाइम न्यूनतम हो तथा राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें.

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Published by: Vikas Jha

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