बक्सर जेल के बंदियों का हुनर आया बाजार में, मुक्ति आउटलेट और खादी मॉल में बिकेंगी रंग-बिरंगी राखियां

बक्सर केंद्रीय कारा के बंदियों ने रक्षाबंधन के लिए आकर्षक राखियां तैयार की हैं। इन राखियों को आप मुक्ति आउटलेट और खादी मॉल से खरीदकर बंदियों का उत्साह बढ़ाएं।

Buxar news : कारा विभाग बंदियों को सजा के साथ हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. इसी कड़ी में कारा महानिरीक्षक के निर्देश पर राज्य के केंद्रीय काराओं में कारा निर्माणशाला और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को मजबूत किया जा रहा है. इसी पहल के तहत केंद्रीय कारा, बक्सर में बंदियों ने रक्षाबंधन पर्व को लेकर आकर्षक और रंग-बिरंगी राखियां तैयार की हैं.

सजा के साथ हुनर सीख रहे बंदी

कारा महानिरीक्षक के निर्देश के अनुसार जेल में संसीमित बंदियों को केवल कारा में रखने के बजाय विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य है कि रिहाई के बाद बंदी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें. बंदियों को सिलाई, बुनाई, बढ़ईगिरी, अगरबत्ती और फिनाइल निर्माण सहित कई विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

महिला और पुरुष बंदियों ने तैयार की राखियां

रक्षाबंधन को देखते हुए कारा अधीक्षक की देखरेख में महिला और पुरुष बंदियों ने अपने हाथों से अलग-अलग डिजाइनों की राखियां तैयार की हैं. रंग-बिरंगी इन राखियों में बाजार जैसी आकर्षक डिजाइन के साथ हस्तकला की खूबसूरती भी नजर आ रही है.

मुक्ति आउटलेट से खरीद सकेंगे राखियां

बक्सर केंद्रीय कारा में निर्मित राखियां मुक्ति आउटलेट, केंद्रीय कारा बक्सर, आदर्श केंद्रीय कारा बेउर (पटना) और खादी मॉल, पटना में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी.

बंदियों के श्रम को मिलेगा सम्मान

इस पहल का उद्देश्य बंदियों के श्रम को सम्मान देना और उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना है. उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय का लाभ सीधे बंदियों को मिलता है. इससे उन्हें अपने हुनर का आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है.

फोटो - केंद्रीय कारा परिसर की बंदियों के हाथों निर्मित राखीं व सामानो से सजा मुक्ति बाजार | Prabhat Khabar Network
फोटो - केंद्रीय कारा परिसर की बंदियों के हाथों निर्मित राखीं व सामानो से सजा मुक्ति बाजार | Prabhat Khabar Network
फोटो - केंद्रीय कारा परिसर की बंदियों के हाथों निर्मित राखीं व सामानो से सजा मुक्ति बाजार | Prabhat Khabar Network


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By आशुतोष सिंह

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