Flood In Buxar: बक्सर जिले में गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित और तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा उफान पर है. प्रसिद्ध रामरेखा घाट पर नदी का पानी विवाह मंडप के बराबर पहुंच चुका है, जिससे तटीय व निचले दियारा इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है. नदी का पानी निचले रिहायशी इलाकों और खेतों में प्रवेश करने लगा है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
चेतावनी बिंदु से केवल 60 सेंटीमीटर दूर जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का लाल निशान 60.32 मीटर निर्धारित है. गुरुवार को लगातार हो रही वृद्धि के बाद जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 60 सेंटीमीटर नीचे रह गया है. जलस्तर में बढ़ोतरी की यही गति रही, तो अगले 24 से 48 घंटों में नदी चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ सकती है.
20 अगस्त को पूरे दिन जलस्तर में हुई निरंतर वृद्धि
गुरुवार को दिनभर प्रति घंटे जलस्तर में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई:
- सुबह 08:00 बजे: 58.62 मीटर
- दोपहर 12:00 बजे: 58.69 मीटर
- शाम 06:00 बजे: 58.72 मीटर
DM साहिला ने रामरेखा घाट का किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) साहिला ने गुरुवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रामरेखा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए:
- घाट पर बने कंट्रोल रूम को तत्काल लाइट एंड साउंड स्थल के समीप शिफ्ट किया जाए.
- बढ़ते जलस्तर वाले गहरे और संवेदनशील स्थानों पर लाल झंडे व सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं.
- तटबंधों और संवेदनशील दियारा क्षेत्रों में लगातार 24 घंटे निगरानी रखी जाए.
प्रशासन की सख्त अपील और आपातकालीन हेल्पलाइन
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, श्रद्धालुओं और युवाओं से अपील की है कि वे उफनती गंगा के किनारे न जाएं. नदी में स्नान, तैराकी, नौकायन और सोशल मीडिया रील्स बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. बच्चों और मवेशियों को ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है.
आपातकालीन हेल्पलाइन: बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का नंबर 0618-3223333 जारी किया गया है.
